घोरावल(सोनभद्र)। देवभाषा संस्कृत के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ की ओर से संस्कृत वाक व्यवहार कार्यशाला सात जनवरी को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में होगी। इसको लेकर बीआरसी परिसर में शनिवार को बैठक हुई। इसमें उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के परिक्षेत्र समन्वयक नागेश पांडे ने बताया कि इस संस्थान और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सौ प्राथमिक शिक्षकों को वाक व्यवहार व आचार व्यवहार के रूप में संस्कृत भाषा सिखाई जा रही है। पंचायत स्तर पर संस्कार केंद्र खोले जाएंगे। वहां कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को खेल-खेल में संस्कृत गीत, नाटक व अन्य विधाओं का ज्ञान कराया जाएगा। सोनभद्र में पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों के एक हजार अध्यापकों को संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका शुभारंभ सात जनवरी को डायट राबर्ट्सगंज के सभागार में होगा। मुख्य अतिथि एसडीएम मनिकंडन ए. रहेंगे। प्रशिक्षण के बाद सभी शिक्षक अपने विद्यालयों में संस्कृत के आचार व्यवहार की शिक्षा देंगे, जिससे उनमें अपनी संस्कृति एवं संस्कार का ज्ञान प्राप्त होगा। आगामी महीने में ब्लॉक स्तर पर भी संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में बीईओ उदयचंद्र राय, नोडल अधिकारी अविनाश शुक्ला, संजय मिश्रा, अशोक त्रिपाठी, विनोद कुमार मौजूद रहे।