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इंटक ने परियोजना में पदोन्नति पर जताया विरोध
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:56 PM IST
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ओबरा। उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के विद्युत सेवा आयोग द्वारा पदोन्नति सूची को लेकर इंटक ने विरोध जताया है। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया सेवा विनियमावली 1995 के विरूद्ध है। प्रक्रिया में अचानक कंप्यूटर का डीओईएसीसी (एनआईईएलआईटी) से सीसीसी उत्तीर्ण करने की शर्त लगा दी गई है वह भी कार्यालय ज्ञापन जारी होने से पूर्व की तिथि का हो। प्रक्रिया में योग्यता एवं दक्षता रखने वाले कर्मचारियों के पदोन्नति में बाधा उत्पन्न कर कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है।
यूनियन ने उत्पादन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को पत्र देकर पदोन्नति के मामले में अर्हता को शिथिल कर उनके दक्षता को बढ़ाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर सेवा आयोग द्वारा अचानक नियमावली में बदलाव कर कर्मचारियों से आवेदन कार्यालय सहायक तृतीय के पदोन्नति हेतु मांगा गया है। यूनियन नेताओं ने प्रबंधन से मांग की है कि पूर्व की भांति जो प्रकिया अपनाई गई थी उसके अनुसार पदोन्नति कार्यालय सहायक तृतीय पर किया जाए। क्योंकि यह पदोन्नति विभागीय एवं योग्यता एवं दक्षता के आधार पर किया जाना चाहिए। यह कोई नई नियुक्ति नहीं है। यदि इस पर विचार नहीं हुआ तो यूनियन मजबूर होकर आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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यूनियन ने उत्पादन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को पत्र देकर पदोन्नति के मामले में अर्हता को शिथिल कर उनके दक्षता को बढ़ाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर सेवा आयोग द्वारा अचानक नियमावली में बदलाव कर कर्मचारियों से आवेदन कार्यालय सहायक तृतीय के पदोन्नति हेतु मांगा गया है। यूनियन नेताओं ने प्रबंधन से मांग की है कि पूर्व की भांति जो प्रकिया अपनाई गई थी उसके अनुसार पदोन्नति कार्यालय सहायक तृतीय पर किया जाए। क्योंकि यह पदोन्नति विभागीय एवं योग्यता एवं दक्षता के आधार पर किया जाना चाहिए। यह कोई नई नियुक्ति नहीं है। यदि इस पर विचार नहीं हुआ तो यूनियन मजबूर होकर आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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