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सहकारी समितियों पर नहीं लगी है पीओएस मशीन
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:23 PM IST
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सोनभद्र। धांधली रोकने के लिए सहकारी समितियों पर खाद का वितरण पीओएस मशीन के जरिए किये जाना है लेकिन अब तक जिले के किसी भी समितियों पर यह मशीन नहीं लगी है। किसानों को नकद और चेक से खाद दी जा रही है।
सरकार सहकारी समितियों पर खाद के खरीद में अक्सर गड़बड़ी की शिकायत सामने आती रहती है। वितरण में धांधली के विरोध में पूर्व में कई बार किसान समितियों पर प्रदर्शन कर चुके हैं। यह समस्या तमाम जगहों पर होती है। डिजीटल इंडिया के तहत भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, खाद खरीद में धांधली बंद करने के लिए यूपी सरकार ने समितियों पर प्वाइंट आफ सेल मशीन लगाने का निर्देश दिया। इसके लिए बकायदे समितियों के कर्मचारियों को पूर्व में प्रशिक्षण भी दिया गया लेकिन अब तक एक भी केंद्र पर पीओएस मशीन नहीं पहुंची। इससे खरीद का पुराना ढर्रा ही अब तक चला आ रहा है। जिले में वर्तमान में कुल 62 सहकारी समितियां हैं, जहां खाद की बिक्री की जाती है, लेकिन एक भी ऐसा केंद्र नहीं है, जहां पीओएस मशीन की सुविधा हो। इस बाबत सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि सरकार ने अलग-अलग जिलों में अलग-अलग कंपनियों को पीओएस मशीन लगाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। मशीन संचालन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी करा दिया गया लेकिन अब तक कंपनी ने मशीन भेजी ही नहीं। इस नाते सहकारी समितियों पर चेक और नकद दोनों प्रणाली से खाद की बिक्री की जा रही है। किसानों को खाद की खरीद में किसी तरह की दिक्कत नहीं आ रही है।
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सरकार सहकारी समितियों पर खाद के खरीद में अक्सर गड़बड़ी की शिकायत सामने आती रहती है। वितरण में धांधली के विरोध में पूर्व में कई बार किसान समितियों पर प्रदर्शन कर चुके हैं। यह समस्या तमाम जगहों पर होती है। डिजीटल इंडिया के तहत भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, खाद खरीद में धांधली बंद करने के लिए यूपी सरकार ने समितियों पर प्वाइंट आफ सेल मशीन लगाने का निर्देश दिया। इसके लिए बकायदे समितियों के कर्मचारियों को पूर्व में प्रशिक्षण भी दिया गया लेकिन अब तक एक भी केंद्र पर पीओएस मशीन नहीं पहुंची। इससे खरीद का पुराना ढर्रा ही अब तक चला आ रहा है। जिले में वर्तमान में कुल 62 सहकारी समितियां हैं, जहां खाद की बिक्री की जाती है, लेकिन एक भी ऐसा केंद्र नहीं है, जहां पीओएस मशीन की सुविधा हो। इस बाबत सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि सरकार ने अलग-अलग जिलों में अलग-अलग कंपनियों को पीओएस मशीन लगाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। मशीन संचालन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी करा दिया गया लेकिन अब तक कंपनी ने मशीन भेजी ही नहीं। इस नाते सहकारी समितियों पर चेक और नकद दोनों प्रणाली से खाद की बिक्री की जा रही है। किसानों को खाद की खरीद में किसी तरह की दिक्कत नहीं आ रही है।
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