फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   श्रीराम वन गमन से अयोध्या में छा गई मायूसी

श्रीराम वन गमन से अयोध्या में छा गई मायूसी

Mon, 24 Dec 2018 11:40 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
श्रीराम वन गमन से अयोध्या में छा गई मायूसी
रेणुकूट। पिपरी स्थित खेल मैदान में चल रही रामकथा के सातवें दिन सोमवार को लक्ष्मण परशुराम संवाद व श्रीराम वनगमन का भाव पूर्ण चित्रण कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने किया। उन्होंने कहा कि राम वन गमन के दृश्य को देखकर सभी अयोध्यावासी भावविह्वल हो गए। जिस समय राम लक्ष्मण व सीता तपस्वी का वेश धारण करके महारानी कैकेई के कक्ष में जाते हैं, तो वहां महाराज दशरथ को मुर्छित हुए देखकर वे माता कैकेई से महाराज के मूर्छित होने का कारण पूछते हैं। महारानी कैकेयी बताती है कि हे राम पहले महाराजा दशरथ द्वारा उनके दिये गए वरदान को मैंने मांगा, पहला वरदान यह कि अयोध्या का राज भरत को और दूसरे वरदान में तुम्हें तपस्वी के वेश में वनवास का वर मांगा। यही कारण है कि महाराज दशरथ इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सके और मूर्छित होकर जमीन पर गिर पड़े। इतना सुनने के बाद राम पिता के पास गए और उन्हें जगाया और कहा कि पिता जी आपके आदेशानुसार मैं आपके पास आया हूं। प्रभु राम ने पिता से कहा मुझे क्या आज्ञा है। इतना सुनते ही महाराज पुन: मूर्छित हो गए। अब वहां से श्रीराम माता कौशल्या के कक्ष में जाकर उनसे भी वन जाने के लिए विदा मांगाए फिर वनगमन का समाचार सुनकर लक्ष्मण और सीता भी तपस्वी के वेश में पुन: महाराज के पास गए और तीनों लोग अपने पिता को प्रणाम करके वन के लिए प्रस्थान करते हैं। इसके बाद गुरू वशिष्ठ के आश्रम में जाकर उनसे वन जाने की आज्ञा लेकर वहां से रथ पर बैठकर वन जाने लगे।जब अयोध्यावासियों ने राम वनगमन का समाचार सुना तो पूरे अयोध्या में मायूसी छा गई और पूरे अयोध्यावासी राजमहल की ओर दौड़ पडे़ कि रास्ते में श्रीराम लक्ष्मण सीता का रथ आते देखकर सभी नर नारी रथ के सामने खडे़ होकर आंखों में आंसू लिए अपने प्रिय राजा से वन न जाने के लिए आग्रह करने लगे। राम ने सबको समझाबुझा कर शांत किया और सारथी से रथ हांकने का आदेश दिया। थोड़े समय बाद श्रीराम अपने भ्राता लक्ष्मण और भार्या सीता के साथ तमसा नदी के तट पर पहुंचकर सभी अयोध्यावासियों से वापस अयोध्या जाने के लिए आग्रह किया।बहुत समझाने के बाद अयोध्यावासी मायूस होकर वापस अयोध्या चले गए। श्रीराम कथा के दौरान विद्या भारती के संगठन मंत्री राम मनोहर, बृजेश पांडेय, रविंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, अंजना सिंह, कुसुम शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed