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बदहाल हैं कस्तूरबा विद्यालय, खतरे में छात्राएं

Sun, 10 Sep 2017 11:47 PM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:47 PM IST
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बदहाल हैं कस्तूरबा विद्यालय, खतरे में छात्राएं
सोनभद्र। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बदहाल हैं। नगवां ब्लॉक के नंदना में स्थित विद्यालय की दर्जनों छात्राएं बीमार होने के नाते अनुपस्थित चल रहीं। नगवां और चतरा में गैस सिलेंडर नहीं है और चूल्हे पर खाना बनता है। घोरावल में छात्राओं के कमरे की दीवारों में दरार पड़ गई है। इससे छात्राएं आंधी और बारिश के दिनों में सहमी रहती हैं। उन्हें दीवार धराशायी होने का खतरा बना रहता है।
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राबर्ट्सगंज में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय चलता है। यहां नया भवन बना है और सुविधाएं भी छात्राओं को काफी हद तक ठीक मिल रही हैं। लेकिन जिला मुख्यालय छोड़ अन्य जगहों का हाल बदतर है। खलियारी/वैनी: नगवा ब्लॉक के नंदना गांव में स्थित कस्तूरबा बालिका विद्यालय में 100 नामांकित बालिकाओं में से मंगलवार को 68 छात्राएं उपस्थित रहीं। 32 अनुपस्थित छात्राओं में कई बीमार हैं, जिसके चलते उन्हें घर भेज दिया गया। यहां पानी पीने के लिये सबमर्सिबल लगा है, वहीं आसपास पर पूरे विद्यालय का गंदा पानी गिरता है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। विद्यालय के ठीक दरवाजे के सामने गंदगी का अंबार लगा है। यहां गैस सिलेंडर नहीं है और चूल्हे पर भोजन बनता है। खिड़कियों के अधिकतर शीशे फूटे हुए हैं। शिक्षिका मंजू रॉय ने बताया कि कुछ छात्राएं ज्वर खुजली से पीड़ित थीं, जो घर चली गई हैं। घोरावल: खरूआंव में स्थित विद्यालय में सारी व्यवस्था चौपट है। वर्ष 2009 में बने इस विद्यालय का भवन खतरे का सबब बना हुआ है। लड़कियों के आवासीय कमरों की दीवारें कई जगह फटने से जर्जर गई हैं। आंधी आने पर छात्राएं डर जाती हैं। शौचालय और अन्य कई जगहों पर दरवाजे टूटे पड़े हैं। सोने की लगभग सभी चौकियां टूटी हुई हैं। ईंट के सहारे चौकी पर लड़कियां सोती हैं। यहां की बिजली व्यवस्था का हाल यह है कि वायरिंग पूरी तरह से चौपट है। तार लटकाकर पूरे भवन में बिजली पंखे चलाए जाते हैं। यहां रखा जेनरेटर, इंवर्टर बैटरी, कम्प्यूटर शो पीस बने हुए हैं।आधे से अधिक पंखे खराब पड़े हैं। जल निकासी की कोई व्यवस्था नही है। बाउंड्री कई जगह टूटी हुई है।
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चतरा, म्योरपुर में नहीं है बाउंड्रीवाल, सुरक्षा का खतरा
रामगढ़/म्योरपुर। चतरा ब्लॉक के रामगढ़ और म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की बाउंड्रीवाल अब तक नहीं बन सकी है। विद्यालय के ईर्द-गिर्द अक्सर असामाजिक तत्व के मंडराते रहते हैं, जिससे छात्राओं को सुरक्षा का खतरा बना रहता है। इन विद्यालयों में छात्राओं को सुविधाओं का भी अभाव है। चतरा में विद्यालय की छत से बारिश के दिनों में पानी टपकता है, जिससे छात्राओं को परेशानी होती है। वार्डेन सीमा सिंह के मुताबिक कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है।
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