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बकाए के लिए वाहन संचालकों, ठेकेदारों ने लगाई गुहार
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:23 PM IST
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अनपरा(सोनभद्र)। अनपरा परियोजना में संविदा पर वाहन चलाने वालों का पांच माह से और ठेकेदारों का आठ से 25 माह का भुगतान बकाया है। इसको लेकर बुधवार की सुबह भाजपा के अनपरा मंडल मंत्री कुंदन सिंह की अगुवाई में वाहन संचालकों ने निदेशक तकनीकी वीएस तिवारी से मुलाकात कर भुगतान कराने की मांग की।
कहा कि भुगतान न मिलने से उन्हें पारिवारिक खर्च के साथ बच्चों के शिक्षा-दीक्षा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुशाग्र मिश्रा, सुमित तिवारी, देवा गुप्ता, कुंदन जायसवाल, टैक्सी यूनियन के श्यामलाल, मनाज सिंह, लक्ष्मी सिंह, सत्यप्रकाश दुबे, जटाशंकर दुबे आदि मौजूद रहे।
वहीं दोपहर बाद थर्मल कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एमएस अख्तर की अगुवाई में ठेकेदारों ने निदेशक तकनीकी से मिलकर अपनी परेशानी बताई। कहा कि प्रियार्टी बी का भुगतान 25 महीने से और प्रियार्टी ए का भुगतान आठ महीने से बकाया पड़ा है। इससे जहां एक तरफ आर्थिक तंगी परेशान किए हुए हैं। वहीं मजदूरों के भुगतान में देरी पर, उनकी नाराजगी झेलनी पड़ रही है। दोनों मामलों में उन्होंने समुचित पहल का भरोसा दिया। बता दें कि कालोनी में सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे प्राइवेट सुरक्षा गार्डों का भी पांच माह से वेतन भुगतान बकाया पड़ा है। उनकी तो हालत यह है कि अब दुकानदारों ने उन्हें उधार सामान देना भी बंद कर दिया है।
कहा कि भुगतान न मिलने से उन्हें पारिवारिक खर्च के साथ बच्चों के शिक्षा-दीक्षा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुशाग्र मिश्रा, सुमित तिवारी, देवा गुप्ता, कुंदन जायसवाल, टैक्सी यूनियन के श्यामलाल, मनाज सिंह, लक्ष्मी सिंह, सत्यप्रकाश दुबे, जटाशंकर दुबे आदि मौजूद रहे।
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वहीं दोपहर बाद थर्मल कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एमएस अख्तर की अगुवाई में ठेकेदारों ने निदेशक तकनीकी से मिलकर अपनी परेशानी बताई। कहा कि प्रियार्टी बी का भुगतान 25 महीने से और प्रियार्टी ए का भुगतान आठ महीने से बकाया पड़ा है। इससे जहां एक तरफ आर्थिक तंगी परेशान किए हुए हैं। वहीं मजदूरों के भुगतान में देरी पर, उनकी नाराजगी झेलनी पड़ रही है। दोनों मामलों में उन्होंने समुचित पहल का भरोसा दिया। बता दें कि कालोनी में सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे प्राइवेट सुरक्षा गार्डों का भी पांच माह से वेतन भुगतान बकाया पड़ा है। उनकी तो हालत यह है कि अब दुकानदारों ने उन्हें उधार सामान देना भी बंद कर दिया है।
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