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अवैध खनन, कटान पर बीट दरोगा पर होगी कार्रवाई
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:12 PM IST
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दुद्धी। मुख्य वन संरक्षक प्रभाकर दूबे ने शुक्रवार को ओबरा और रेणुकूट वन प्रभाग के कई क्षेत्रों में निरीक्षण किया। हाथीनाला के वन क्षेत्र और डायवर्सिटी पार्क देखा। निर्देश दिया कि वन विभाग के गेस्ट हाउस को ठीक कराया जाए और उसमें रात्रि में रेंजर रूकें ताकि तस्करों पर निगाह रखी जा सके। चेताया कि अवैध खनन और अवैध कटान हुआ तो वन दरोगा और बीट प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य वन संरक्षक प्रभाकर शुक्रवार को पूर्व प्रधान वन संरक्षक आरके भदौरिया के साथ वन क्षेत्रों का निरीक्षण करने आए। यहां उन्होंने डायवर्सिटी पार्क के वाकिंग ट्रेल से अति सघन वन क्षेत्रों में वाटर होल, जलस्रोत और वनों की सघनता की जांच की। उन्होंने वन में जंगली जानवर और पक्षियों के मूवमेंट को बारीकी से देखा। कहा कि वन क्षेत्रों में खनन और कटान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें लापरवाही पर बीट दरोगा पर कार्रवाई होगी। निर्देश दिया कि जंगल में आग लगने पर नजर रखें और इस कार्य मे संलिप्त व्यक्ति को चिन्हित कर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करें। वाइल्ड लाइफ मेंबर व पीसीसीएफ के सदस्य पूर्व प्रधान वन संरक्षक आरके भदौरिया ने भी वन जीवों को और वनों को संरक्षित करने का तरीका बताया। दुबे ने कहा कि जिले में जहां भी फारेस्ट गेस्ट हाउस हैं उनमें रेंजर जाएं और रात्रि में रूककर तश्करों पर नजर रखे।
वन संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी
दुद्धी। मुख्य वन संरक्षक प्रभाकर दुबे का कहना है कि वनों के संरक्षण के लिए सभी को जागरूक होना होगा। तभी हम आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा दे पाएंगे। नहीं तो वह दिन दूर नही जब जिले की जनता को ऑक्सीजन सिलेंडर लगा कर चलना होगा। भारत के बेहतरीन जंगलों में से एक रेणुकूट वन प्रभाग का जंगल उजाड़ हो जाएगा।
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मुख्य वन संरक्षक प्रभाकर शुक्रवार को पूर्व प्रधान वन संरक्षक आरके भदौरिया के साथ वन क्षेत्रों का निरीक्षण करने आए। यहां उन्होंने डायवर्सिटी पार्क के वाकिंग ट्रेल से अति सघन वन क्षेत्रों में वाटर होल, जलस्रोत और वनों की सघनता की जांच की। उन्होंने वन में जंगली जानवर और पक्षियों के मूवमेंट को बारीकी से देखा। कहा कि वन क्षेत्रों में खनन और कटान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें लापरवाही पर बीट दरोगा पर कार्रवाई होगी। निर्देश दिया कि जंगल में आग लगने पर नजर रखें और इस कार्य मे संलिप्त व्यक्ति को चिन्हित कर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करें। वाइल्ड लाइफ मेंबर व पीसीसीएफ के सदस्य पूर्व प्रधान वन संरक्षक आरके भदौरिया ने भी वन जीवों को और वनों को संरक्षित करने का तरीका बताया। दुबे ने कहा कि जिले में जहां भी फारेस्ट गेस्ट हाउस हैं उनमें रेंजर जाएं और रात्रि में रूककर तश्करों पर नजर रखे।
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वन संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी
दुद्धी। मुख्य वन संरक्षक प्रभाकर दुबे का कहना है कि वनों के संरक्षण के लिए सभी को जागरूक होना होगा। तभी हम आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा दे पाएंगे। नहीं तो वह दिन दूर नही जब जिले की जनता को ऑक्सीजन सिलेंडर लगा कर चलना होगा। भारत के बेहतरीन जंगलों में से एक रेणुकूट वन प्रभाग का जंगल उजाड़ हो जाएगा।
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