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अनावश्यक उत्पीड़न, प्राथमिकी, वसूली पर लगे रोक
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:41 PM IST
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सोनभद्र। ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बैठक की। इसके साथ ही एकजुटता प्रदर्शित करते हुए संघर्ष की रणनीति बनाई। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, शौचालय योजना में लाभार्थियों के खाते में सीधे धनराशि जाने के बाद भी ग्राम स्तरीय कर्मियों पर कार्रवाई पर एतराज जताते हुए सत्यापन करने वाले ऊपर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि कुछ अफसरों की तरफ से की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाही पर तत्काल रोक नहीं लगी तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह और ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने ओडीएफ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान करते हुए कहा कि ग्राम स्तरीय कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा संबंधी पावनाओं को लेकर कई बार प्रतिवेदन दिया गया। संबंधित उच्चाधिकारियों से कई बार निवेदन भी किया गया, लेकिन अब तक प्रकरण का निबटारा नहीं हो सका है। इसे तत्काल निस्तारित किया जाए। शिवनारायण सिंह ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाले नक्सल भत्ते की तरह प्रभावित गांवों में तैनात ग्राम स्तरीय कर्मियों को भत्ता, सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश गिरि, शिल्पा सिंह, अरूण सिंह, निर्भय कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, सतीशचंद्र यादव, शिवम सिंह, सुजीत कुमार सिंह आदि का कहना था कि जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अनावश्यक उत्पीड़न, प्राथमिकी, वसूली की कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा बैठकों एवं उच्चाधिकारियों के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अपमानजनक, असंसदीय शब्दों का प्रयोग, दुर्व्यवहार, अमानवीय कृत्य किया जा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। इस मौके पर सतीश कुमार यादव, अरूण कुमार सिंह, संतोष कुमार राव, कमलनाथ मौर्य, विजयबहादुर, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि कुछ अफसरों की तरफ से की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाही पर तत्काल रोक नहीं लगी तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह और ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने ओडीएफ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान करते हुए कहा कि ग्राम स्तरीय कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा संबंधी पावनाओं को लेकर कई बार प्रतिवेदन दिया गया। संबंधित उच्चाधिकारियों से कई बार निवेदन भी किया गया, लेकिन अब तक प्रकरण का निबटारा नहीं हो सका है। इसे तत्काल निस्तारित किया जाए। शिवनारायण सिंह ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाले नक्सल भत्ते की तरह प्रभावित गांवों में तैनात ग्राम स्तरीय कर्मियों को भत्ता, सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश गिरि, शिल्पा सिंह, अरूण सिंह, निर्भय कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, सतीशचंद्र यादव, शिवम सिंह, सुजीत कुमार सिंह आदि का कहना था कि जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अनावश्यक उत्पीड़न, प्राथमिकी, वसूली की कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा बैठकों एवं उच्चाधिकारियों के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अपमानजनक, असंसदीय शब्दों का प्रयोग, दुर्व्यवहार, अमानवीय कृत्य किया जा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। इस मौके पर सतीश कुमार यादव, अरूण कुमार सिंह, संतोष कुमार राव, कमलनाथ मौर्य, विजयबहादुर, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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