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वनवासियों को दी जड़ी बुटियों के पहचान की जानकारी
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:44 AM IST
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बभनी। अखिल भारतीय कल्याण आश्रम से सम्बद्ध सेवा समर्पण संस्थान द्वारा विश्व आयुर्वेद परिषद तथा नेशनल मेडिकोज आर्गनाइजेशन के दो सौ डॉक्टरों की टीम बनवासी क्षेत्रों में टोली बनाकर वनवासियों का इलाज कर रही है। सह प्रांत प्रचारक काशी क्षेत्र मनोज ने बताया कि यहां से टीम छतीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश व अपने जिले के बनवासी बाहुल्य गांव में 10 डॉक्टरों की टोली उपचार कर रही है। वनवासियों को जड़ी बूटी की जानकारी व पहचान के लिए बाकायदा दो प्रोफेसर गांव में जाकर बता रहे हैं। डॉ. कमलेश द्विवेदी ने बताया कि यहां के वनवासी क्षेत्रो में कुटच का पेड़ बड़ी संख्या में है जो पेट संबंधित किसी भी समस्या के लिए रामवाण है। सेहुंड का पेड़ भी बड़ी मात्रा में है। इसके पत्ती को उबालकर तीन समय मे पीने से खांसी की समस्या से निजात पाया जा सकता है। एक टीम ने सेवा समर्पण संस्थान में रहने वाले बच्चों व आये हुए अभिभवकों को कीड़ी की दवा खिलाया। उन्हें बीमारियों से बचने के उपाय बताए। डॉक्टरों की टीम वनवासी क्षेत्रों में जाकर वनवासियों में उनके पारंपरिक संस्कार संगीत आदि का अध्ययन भी कर रही है। उन्हें स्वच्छ रहने से होने वाले फायदों को भी बता रही है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सह संगठन मंत्री आनंद, श्रवण, जिला प्रचारक ओम प्रकाश, डॉ. मनीष मिश्र, डॉ. धर्मेंद्र वर्मा, डॉ. विजय राय, डॉ. फरहान अहमद, डॉ. राजेश कुमार मौजूद रहे।
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