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कैसे करें संगठन मजबूत, नहीं सुन रहे अधिकारी
Updated Thu, 07 Jun 2018 11:48 PM IST
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सोनभद्र। उपचुनाव में लगे झटके के बाद कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने की कवायद शुरू हो गई है। बृहस्पितवार को राबर्ट्र्सगंज में हुई बैठक में प्रभारी मंत्री अर्चना पांडेय ने मौजूद एक-एक कार्यकर्ता से संवाद किया और उसके हरसंभव निदान का भरोसा दिया। सबसे ज्यादा शिकायत जिला अभिहित अधिकारी की हुई।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, भाजपा के कृष्णमुरारी गुप्ता, कमलेश चौबे आदि का कहना था कि जिला अभिहित अधिकारी पुरानी सरकार से ही यहां जमे हुए हैं। वह लगातार व्यापारियों का उत्पीडऩ कर जबरिया वसूली कर रहे हैं। अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। करमा एसओ द्वारा बूथ अध्यक्ष को पीड़ित होने के बावजूद उसे ही जेल भेज देने की शिकायत की गई। कोन मंडल अध्यक्ष शशांक ने चोपन पुलिस पर सवाल उठाया। कहा कि उन्होंने जब वहां के एसओ से कोन पुल से ओवरलोड वाहन गुजारे जाने की शिकायत की तो उन्हें ही अदब में लिया जाने लगा। इसी तरह अनपरा, पिपरी पुलिस पर भी कार्यकर्ताओं का उत्पीडऩ और उनके साथ उपेक्षात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिला स्तर से लेकर ब्लाक स्तर तक कोई भी अधिकारी नहीं सुन रहा है। जनहित के मुद्दों पर जमकर हिलाहवाली की जा रही है। ऐसे में 2019 में कौन सी कामयाबी लेकर जनता के बीच जाएंगे? समझ में नहीं आ रहा। प्रभारी मंत्री ने लापरवाही अधिकारियों और उनके मातहतों के खिलाफ जल्द नकेल कसने का आश्वासन दिया, तब जाकर कार्यकर्ता शांत हुए। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, वाराणसी प्रभारी ओंकार केशरी, रमेश मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, ओबरा विधायक संजीव गोंड़, घोरावल विधायक अनिल मौर्य आदि मौजूद रहे।
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, भाजपा के कृष्णमुरारी गुप्ता, कमलेश चौबे आदि का कहना था कि जिला अभिहित अधिकारी पुरानी सरकार से ही यहां जमे हुए हैं। वह लगातार व्यापारियों का उत्पीडऩ कर जबरिया वसूली कर रहे हैं। अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। करमा एसओ द्वारा बूथ अध्यक्ष को पीड़ित होने के बावजूद उसे ही जेल भेज देने की शिकायत की गई। कोन मंडल अध्यक्ष शशांक ने चोपन पुलिस पर सवाल उठाया। कहा कि उन्होंने जब वहां के एसओ से कोन पुल से ओवरलोड वाहन गुजारे जाने की शिकायत की तो उन्हें ही अदब में लिया जाने लगा। इसी तरह अनपरा, पिपरी पुलिस पर भी कार्यकर्ताओं का उत्पीडऩ और उनके साथ उपेक्षात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिला स्तर से लेकर ब्लाक स्तर तक कोई भी अधिकारी नहीं सुन रहा है। जनहित के मुद्दों पर जमकर हिलाहवाली की जा रही है। ऐसे में 2019 में कौन सी कामयाबी लेकर जनता के बीच जाएंगे? समझ में नहीं आ रहा। प्रभारी मंत्री ने लापरवाही अधिकारियों और उनके मातहतों के खिलाफ जल्द नकेल कसने का आश्वासन दिया, तब जाकर कार्यकर्ता शांत हुए। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, वाराणसी प्रभारी ओंकार केशरी, रमेश मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, ओबरा विधायक संजीव गोंड़, घोरावल विधायक अनिल मौर्य आदि मौजूद रहे।
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