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दो दर्जन से अधिक अधिकारियों के बयान किए गए दर्ज
Updated Wed, 30 May 2018 10:55 PM IST
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उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के निदेशक (तकनीकी) लखनऊ के आदेश पर अनपरा तापीय परियोजना के स्विच यार्ड में लगी आग के मामले में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। सोमवार को 400 केवी-अनपरा-ओबरा पारेषण लाइन में आई खराबी को दूर करने के दौरान अनपरा तापीय परियोजना के स्विच यार्ड में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया था।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के निदेशक तकनीकी बीएस तिवारी ने अनपरा डी परियोजना के जीएम सीपी मिश्रा व अधीक्षण अभियंता शिवाजी त्रिपाठी को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। स्विच यार्ड में आग लगने से अनपरा परियोजना की दो व ओबरा की तीन इकाइयां ट्रिप कर गई थीं। अनपरा-ओबरा पारेषण लाइन में ट्रिपिंग हुई थी, जिसके बाद लाइन को ठीक करने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान अनपरा छोर पर अर्थिंग प्लेट लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया लेकिन प्रोटेक्शन सिस्टम काम न करने के कारण चार्ज लाइन से तेज फ्लैशिंग शुरू हो गई और आग लग गई। आग से इंसुलेटर, कंडक्टर सहित अन्य विद्युत उपकरण जल गए। जांच अधिकारी ने बताया कि बुधवार को ओबरा व अनपरा सहित 20 संबंधित अधिकारियों का बयान दर्ज किया गया है। बयान के आधार पर प्रथम दृष्टया संवादहीनता की बात सामने आ रही है, जिससे उक्त घटना घटित हुई है। जांच दो से तीन दिनों में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में लखनऊ मुख्यालय इस प्रकरण पर नजर बनाए हुए है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के निदेशक तकनीकी बीएस तिवारी ने अनपरा डी परियोजना के जीएम सीपी मिश्रा व अधीक्षण अभियंता शिवाजी त्रिपाठी को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। स्विच यार्ड में आग लगने से अनपरा परियोजना की दो व ओबरा की तीन इकाइयां ट्रिप कर गई थीं। अनपरा-ओबरा पारेषण लाइन में ट्रिपिंग हुई थी, जिसके बाद लाइन को ठीक करने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान अनपरा छोर पर अर्थिंग प्लेट लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया लेकिन प्रोटेक्शन सिस्टम काम न करने के कारण चार्ज लाइन से तेज फ्लैशिंग शुरू हो गई और आग लग गई। आग से इंसुलेटर, कंडक्टर सहित अन्य विद्युत उपकरण जल गए। जांच अधिकारी ने बताया कि बुधवार को ओबरा व अनपरा सहित 20 संबंधित अधिकारियों का बयान दर्ज किया गया है। बयान के आधार पर प्रथम दृष्टया संवादहीनता की बात सामने आ रही है, जिससे उक्त घटना घटित हुई है। जांच दो से तीन दिनों में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में लखनऊ मुख्यालय इस प्रकरण पर नजर बनाए हुए है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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