{"_id":"59b0371f4f1c1be17f8b46a9","slug":"61504720671-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानों ने किया बैठक का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानों ने किया बैठक का बहिष्कार
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बभनी। ब्लॉक सभागार में मंगलवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत की बैठक का प्रधानों ने बहिष्कार कर दिया और सभागार से बाहर पेड़ के नीचे बैठ गए। मौके पर पहुंचे बीडीओ जगन्नाथ राव को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रधानों ने एक सप्ताह के भीतर समस्या समाधान न होने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है।
प्रधानों का आरोप है कि ग्राम पंचायतों में तैनात सेक्रेट्री तानाशाह रवैया अपना रहे हैं। ग्रामीण कुटुंब रजिस्टर के नकल के लिए ब्लॉक का चक्कर काटने को विवश हैं। प्रधान संघ के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा कि गांव के विकास के लिए शासन से आए धन की बंदरबांट का दबाव बनाते हैं। प्रधान चौना दीनदयाल ने कहा की कार्ययोजना में स्वीकृति के बाद भी पेयजल, कूप, हैंडपंप स्थापना आदि कार्य राज्य वित्त से कराने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। छह माह बीतने के बाद भी वर्ष 2017-18 की कार्ययोजना आज तक नही उपलब्ध कराया गया है। प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि गांव में तैनात सेक्रेट्री, तकनीकी सहायक, पंचायत मित्र, सफाई कर्मी भी सेक्रेट्री के यहां चक्कर काटते रहते हैं। इनका गांव से कोई सरोकार नही है। यही नहीं सेक्रेट्री गांव में विकास कम राजनीति करने में ज्यादा रूचि लेते हैं। इस मौके पर प्रधान संजय गुप्ता, रामविलास, दयाशंकर यादव, कृष्णानंद, रामकुमार, परवेज अख्तर, सफीक, देवकुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रधानों का आरोप है कि ग्राम पंचायतों में तैनात सेक्रेट्री तानाशाह रवैया अपना रहे हैं। ग्रामीण कुटुंब रजिस्टर के नकल के लिए ब्लॉक का चक्कर काटने को विवश हैं। प्रधान संघ के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा कि गांव के विकास के लिए शासन से आए धन की बंदरबांट का दबाव बनाते हैं। प्रधान चौना दीनदयाल ने कहा की कार्ययोजना में स्वीकृति के बाद भी पेयजल, कूप, हैंडपंप स्थापना आदि कार्य राज्य वित्त से कराने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। छह माह बीतने के बाद भी वर्ष 2017-18 की कार्ययोजना आज तक नही उपलब्ध कराया गया है। प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि गांव में तैनात सेक्रेट्री, तकनीकी सहायक, पंचायत मित्र, सफाई कर्मी भी सेक्रेट्री के यहां चक्कर काटते रहते हैं। इनका गांव से कोई सरोकार नही है। यही नहीं सेक्रेट्री गांव में विकास कम राजनीति करने में ज्यादा रूचि लेते हैं। इस मौके पर प्रधान संजय गुप्ता, रामविलास, दयाशंकर यादव, कृष्णानंद, रामकुमार, परवेज अख्तर, सफीक, देवकुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन