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Sonebhadra News: भंडारण लाइसेंस के बिना छह जिलों में चलते रहे 613 क्रशर प्लांट, सोनभद्र में सबसे ज्यादा 284

Wed, 03 Sep 2025 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:30 PM IST
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613 crusher plants were running in six districts without storage license, most 284 in Sonbhadra
सोनभद्र। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद अफसरों ने खनिज के अवैध परिवहन को खूब बढ़ावा दिया। यूपी के छह जिलों में 613 स्टोन क्रशर प्लांटों को बिना भंडारण लाइसेंस के ही संचालित कराया गया।
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इसमें सबसे ज्यादा 284 क्रशर प्लांट सोनभद्र के थे। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में अवैध परिवहन के लिए बिना भंडारण संचालित क्रशर प्लांट संचालकों की भूमिका संदिग्ध मानी है। अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। क्रशर प्लांटों को भंडारण लाइसेंस जारी न करने से सरकार के राजस्व को 61 लाख से ज्यादा की चपत लगी है।
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उत्तर प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन और भंडारण) नियम के तहत स्टोन क्रशर उद्योगों और अन्य खनिज आधारित उद्योगों को भंडारण का लाइसेंस दिए जाने का प्रावधान है।
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इसके तहत आवेदक को 10 हजार रुपये का गैर वापसी योग्य शुल्क भंडारण लाइसेंस के लिए जमा करना होगा। सीएजी ने 16 जिला खनन अधिकारियों के रिकॉर्ड की जांच की।
इनमें से छह जिलों में पाया गया कि स्टोन क्रशर इकाइयों को भंडारण का लाइसेंस ही नहीं दिया गया। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची में अप्रैल 2017 से फरवरी 2023 की अवधि के दौरान इन जिलों में 1035 स्टोन क्रशर इकाइयां संचालित थीं। इनमें से 708 क्रशर इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की अनुमति दी गई थी।
नियमानुसान इन्हें भंडारण का लाइसेंस भी दिया जाना चाहिए था, मगर 613 स्टोन क्रशर इकाइयां बिना भंडारण लाइसेंस के ही संचालित होती रहीं। नियमों के उल्लंघन के बावजूद संबंधित खनन अधिकारियों ने इन इकाइयों को न तो भंडारण लाइसेंस देने की कोई कार्रवाई की और न ही कोई अन्य कदम उठाए।
भंडारण लाइसेंस के बिना संचालित 613 स्टोन क्रेशर इकाइयों के कारण सरकार को 61.30 लाख की लाइसेंस फीस का नुकसान हुआ। साथ ही खनिजों के अवैध परिवहन को भी बढ़ावा मिला। बाद में सीएजी की इस आपत्ति को सरकार ने भी स्वीकार किया और सभी स्टोन क्रेशर इकाइयों को जल्द लाइसेंस देने की बात कही थी।

दूसरे जिलों के भंडारण लाइसेंस पर कइयों ने किया संचालन : कई क्रशर प्लांटों का संचालन दूसरे जिलों के लिए जारी भंडारण लाइसेंस पर होते हुए भी पकड़ा गया है। बुंदेलखंड और पश्चिम यूपी के क्रशर प्लांटों को जारी भंडारण लाइसेंस पर यहां भी प्लांट चल रहे थे। जांच में पोल खुली तो अफसरों ने कार्रवाई की कोरमपूर्ति कर दी।
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