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Sonebhadra News: लोक अदालत में 60258 वादों का हुआ निस्तारण
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सोनभद्र। सुलह-समझौतों से मुकदमों के निस्तारण के लिए रविवार को आयोजित लोक अदालत में 60 हजार से अधिक वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान 76 से अधिक विभागों से जुड़े वादों में समझौते के साथ परिवादियों को करोड़ों रुपये की प्रतिपूर्ति का भी भुगतान कराया गया। इस दौरान 60258 वादों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयोजन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायालय परिसर में जिला जज अशोक कुमार यादव प्रथम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत वादकारियों के लिए वरदान है, जिसमें मामले सुलह समझौते के आधार पर समाप्त किए जा सकते हैं। छोटे मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाता है। लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। वह वादकारियों व न्यायालय के बीच की कड़ी हैं। लोक अदालत का सबसे बड़ा गुण निशुल्क और त्वरित न्याय विवादों के निपटारे का वैकल्पिक माध्यम है। इसका उद्देश्य है कि देश का कोई भी नागरिक आर्थिक या किसी अक्षमता के कारण न्याय पाने में वंचित न रह जाए। इसलिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य %%न्याय सबके लिए है। जिला जज ने असहाय दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, इलेक्ट्रिक स्टिक व हियरिंग मशीन का वितरण भी किया। मोटर दावा दुर्घटना अभिकरण के पीठासीन अधिकारी संजय हरि शुक्ला ने कहा कि वादों के त्वरित निस्तारण के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण है। अपर जनपद न्यायाधीश प्रथमरी खलिकुज्ज्मा ने आभार जताया। विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव एहसानउल्लाह खां ने बताया कि लोक अदालत में 60258 वादों का निस्तारण किया। गया। इस दौरान जिला दिव्यांगजन अधिकारी गिरजा शंकर सरोज आदि मौजूद रहे। संचालन डिप्टी चीफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल सत्या रमण त्रिपाठी ने किया।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयोजन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायालय परिसर में जिला जज अशोक कुमार यादव प्रथम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत वादकारियों के लिए वरदान है, जिसमें मामले सुलह समझौते के आधार पर समाप्त किए जा सकते हैं। छोटे मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाता है। लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। वह वादकारियों व न्यायालय के बीच की कड़ी हैं। लोक अदालत का सबसे बड़ा गुण निशुल्क और त्वरित न्याय विवादों के निपटारे का वैकल्पिक माध्यम है। इसका उद्देश्य है कि देश का कोई भी नागरिक आर्थिक या किसी अक्षमता के कारण न्याय पाने में वंचित न रह जाए। इसलिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य %%न्याय सबके लिए है। जिला जज ने असहाय दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, इलेक्ट्रिक स्टिक व हियरिंग मशीन का वितरण भी किया। मोटर दावा दुर्घटना अभिकरण के पीठासीन अधिकारी संजय हरि शुक्ला ने कहा कि वादों के त्वरित निस्तारण के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण है। अपर जनपद न्यायाधीश प्रथमरी खलिकुज्ज्मा ने आभार जताया। विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव एहसानउल्लाह खां ने बताया कि लोक अदालत में 60258 वादों का निस्तारण किया। गया। इस दौरान जिला दिव्यांगजन अधिकारी गिरजा शंकर सरोज आदि मौजूद रहे। संचालन डिप्टी चीफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल सत्या रमण त्रिपाठी ने किया।
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