{"_id":"665bb6638556e738ad01adf6","slug":"5561-voters-cast-their-votes-to-elect-the-new-mp-of-robertsganj-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-113780-2024-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: रॉबर्ट्सगंज का नया सांसद चुनने के लिए 55.61 मतदाताओं ने दिया वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: रॉबर्ट्सगंज का नया सांसद चुनने के लिए 55.61 मतदाताओं ने दिया वोट
विज्ञापन
सोनभद्र। उमसभरी गर्मी और तीखी धूप के बावजूद रॉबर्ट्सगंज लोकसभा का नया सांसद चुनने के लिए शनिवार को 55.61 फीसदी मतदाताओं ने वोट किया। सुबह से ही शुरू हुई कतार कई बूथों पर देर शाम बनी रही। उत्साह से लबरेज मतदाता पूरे परिवार के साथ वोट देने पहुंचे। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता भी लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं रहे। कलेक्ट्रेट में बने एकीकृत कंट्रोल रूम से बूथों की निगरानी होती रही। डीएम, एसपी सहित अन्य अफसरों ने बूथों का निरीक्षण किया। मतदाताओं से मिलकर मतदान में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली।
जिले के 1514 बूथों पर सुबह सात बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई। कई बूथों पर ईवीएम चालू होने में दिक्कत की शिकायतें आईं। तत्काल मौके पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट ने उसे ठीक किया। नई ईवीएम लगाकर मतदान शुरू कराया गया। नक्सल प्रभावित रॉबर्ट्सगंज और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में शाम 4 बजे तक का ही समय होने के चलते यहां सुबह से ही मतदान की गति तेज रही। मतदाता पूरे परिवार के साथ बूथों पर पहुंचे और लंबी कतारों में लगकर वोट किया। पहले से ही मतदाता पर्ची का वितरण होने के कारण मतदान केंद्रों के पास बने राजनीतिक दलों के बूथ पर कहीं भीड़ नहीं दिखी। कुछ जगहों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत आई। विधानसभा चुनाव में वोट देने के बाद भी कई मतदाताओं के नाम इस बार सूची में नहीं थे। बीएलओ के प्रति नाराजगी जताते हुए वह घर लौट गए। डीएम चंद्र विजय सिंह, एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने भ्रमणशील रहकर मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय सलखन के मतदान केंद्र व राजा बलदेव दास बिड़ला सोन घाटी इंटर काॅलेज सलखन पहुंचे अफसरों ने पीठासीन अधिकारी व मतदान कार्मिंकों को चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। मतदाताओं से वार्ता कर मतदान प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली।
वर्ष 2014 से आगे, 2019 से रह गए पीछे : लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने वोट देने में वर्ष 2014 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2014 में रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर कुल 54.09 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार शाम पांच बजे तक 54.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। हालांकि यह आंकड़ा वर्ष 2019 के मतदान से कम है। पिछली बार 57.3 प्रतिशत वोट पड़े थे। मतदान में कमी के पीछे विपरीत मौसम और मतदाता सूची की खामियों को कारण बताया जा रहा है। बहुत से मतदाता सूची में नाम न होने के कारण बूथ तक जाकर भी लौट आए। इसके अलावा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को लेकर भी कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं में उदासीनता नजर आई।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के 1514 बूथों पर सुबह सात बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई। कई बूथों पर ईवीएम चालू होने में दिक्कत की शिकायतें आईं। तत्काल मौके पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट ने उसे ठीक किया। नई ईवीएम लगाकर मतदान शुरू कराया गया। नक्सल प्रभावित रॉबर्ट्सगंज और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में शाम 4 बजे तक का ही समय होने के चलते यहां सुबह से ही मतदान की गति तेज रही। मतदाता पूरे परिवार के साथ बूथों पर पहुंचे और लंबी कतारों में लगकर वोट किया। पहले से ही मतदाता पर्ची का वितरण होने के कारण मतदान केंद्रों के पास बने राजनीतिक दलों के बूथ पर कहीं भीड़ नहीं दिखी। कुछ जगहों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत आई। विधानसभा चुनाव में वोट देने के बाद भी कई मतदाताओं के नाम इस बार सूची में नहीं थे। बीएलओ के प्रति नाराजगी जताते हुए वह घर लौट गए। डीएम चंद्र विजय सिंह, एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने भ्रमणशील रहकर मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय सलखन के मतदान केंद्र व राजा बलदेव दास बिड़ला सोन घाटी इंटर काॅलेज सलखन पहुंचे अफसरों ने पीठासीन अधिकारी व मतदान कार्मिंकों को चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। मतदाताओं से वार्ता कर मतदान प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली।
विज्ञापन
वर्ष 2014 से आगे, 2019 से रह गए पीछे : लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने वोट देने में वर्ष 2014 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2014 में रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर कुल 54.09 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार शाम पांच बजे तक 54.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। हालांकि यह आंकड़ा वर्ष 2019 के मतदान से कम है। पिछली बार 57.3 प्रतिशत वोट पड़े थे। मतदान में कमी के पीछे विपरीत मौसम और मतदाता सूची की खामियों को कारण बताया जा रहा है। बहुत से मतदाता सूची में नाम न होने के कारण बूथ तक जाकर भी लौट आए। इसके अलावा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को लेकर भी कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं में उदासीनता नजर आई।
विज्ञापन