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मुर्धवा गांव के एक किशोर की लखनऊ में मौत
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:10 AM IST
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सोनभद्र (रेणुकूट)। क्षेत्र के मुर्धवा व खाड़पाथर ग्राम पंचायतों में बीते दो माह से लगातार हो रही मौतों की सूची में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। सोमवार को भी मुर्धवा निवासी शाश्वत शुक्ला (13) पुत्र प्रमोद शुक्ला की मौत लखनऊ स्थित पीजीआई हॉस्पिटल में हो गई।
शाश्वत की मौत की खबर मिलते ही मुर्धवा के लोग शोक में डूब गए। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन लगातार हो रही मौतों की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा करवाए और गांव में तत्काल मच्छर रोधी दवा का छिड़काव व पेयजल की जांच किया जाए। मुर्धवा निवासी सज्जन अग्रवाल, राजेश तिवारी, आशीष शुक्ला का कहना है कि बीमार पड़ रहे लोगों का तेजी से प्लेटलेट्स कम हो जा रहा है, जिसकी वजह से उन्हें एनीमिया और पीलिया जैसे रोग भी हो जा रहे हैं। तेजी से प्लेटलेट्स कम होने की दशा में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। जो इलाज कराने में सक्षम है वह तो किसी तरह दौड़-भाग करके अपनी जान बचा ले रहे हैं, लेकिन तमाम लोग असमय ही काल के गाल में समां जा रहे हैं। निजी चिकित्सक अशोक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्लेटलेट्स कम होने से मौतें हो रही हैं। इसके लिए उन्होंने ऐसे मरीजों को पपीते या गिलोय के पत्ते का रस सेवन करने की सलाह दी है। बीमार पड़ने पर तत्काल खून जांच कर ही दवा लेने की बात कही। क्षेत्र के लोगों ने दोनों ग्राम पंचायतों में मच्छर रोधी दवा के छिड़काव व पानी की जांच की भी मांग की है।
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शाश्वत की मौत की खबर मिलते ही मुर्धवा के लोग शोक में डूब गए। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन लगातार हो रही मौतों की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा करवाए और गांव में तत्काल मच्छर रोधी दवा का छिड़काव व पेयजल की जांच किया जाए। मुर्धवा निवासी सज्जन अग्रवाल, राजेश तिवारी, आशीष शुक्ला का कहना है कि बीमार पड़ रहे लोगों का तेजी से प्लेटलेट्स कम हो जा रहा है, जिसकी वजह से उन्हें एनीमिया और पीलिया जैसे रोग भी हो जा रहे हैं। तेजी से प्लेटलेट्स कम होने की दशा में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। जो इलाज कराने में सक्षम है वह तो किसी तरह दौड़-भाग करके अपनी जान बचा ले रहे हैं, लेकिन तमाम लोग असमय ही काल के गाल में समां जा रहे हैं। निजी चिकित्सक अशोक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्लेटलेट्स कम होने से मौतें हो रही हैं। इसके लिए उन्होंने ऐसे मरीजों को पपीते या गिलोय के पत्ते का रस सेवन करने की सलाह दी है। बीमार पड़ने पर तत्काल खून जांच कर ही दवा लेने की बात कही। क्षेत्र के लोगों ने दोनों ग्राम पंचायतों में मच्छर रोधी दवा के छिड़काव व पानी की जांच की भी मांग की है।
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