{"_id":"599f1c004f1c1b193c8b488d","slug":"51503599616-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ाशन कार्ड सरेंडर न करने पर दर्ज होगी एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ाशन कार्ड सरेंडर न करने पर दर्ज होगी एफआईआर
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिला आपूर्ति विभाग ने जिले के 27 हजार अपात्र कार्ड धारकों को निर्देश दिया है कि वह अपना राशन कार्ड कार्यालय में सरेंडर कर दें। राशन कार्डों का सत्यापन होने पर सच का पता चला था। राशन कार्ड सरेंडर न करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
सूबे में योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले के 725 वितरण प्रणाली दूकानों से जुड़े राशन कार्डों का सत्यापन कराया। इसके लिए डीएम पीके उपाध्याय ने 111 टीमों का गठन किया था। टीमों ने स्थलीय निरीक्षण कर राशन कार्डों का सत्यापन किया तो कई तरह की लापरवाही सामने आई। राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 27 अपात्र व्यक्ति ऐसे मिले जिनका नियमों को ताख पर रख कर कार्ड बनाया गया था। हजारों का कार्डधारकों का शहर और गांव दोनों जगहों पर राशन कार्ड बनने की पुष्ठि हुई। इसके अलावा शासनादेश के धज्जियां उड़ाते हुए कई अपात्रों का गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने का कार्ड बना दिया गया था। टीम ने अपात्रों का कार्ड निरस्त कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपा। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र में करीब तीन लाख 29 हजार कार्डधारक है। इनमें 58000 अंत्योदय और दो लाख 61 हजार चार सौ पात्र गृहस्थी के कार्डधारक शामिल है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का राशनकार्ड निरस्त हुआ है उन्हें अविलंब राशन कार्ड क्षेत्रीय सप्लाई इंस्पेक्टर या डीएसओ कार्यालय में वापस करने का निर्देश दिया गया है। कहा कि 30 अगस्त तक राशन कार्ड सरेंडर न करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बताते चले कि जिन लोगों का कार्ड निरस्त हुआ है उनमें से अधिकांश ने राशन कार्ड अभी तक विभाग को वापस नहीं किया है।
विज्ञापन
सूबे में योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले के 725 वितरण प्रणाली दूकानों से जुड़े राशन कार्डों का सत्यापन कराया। इसके लिए डीएम पीके उपाध्याय ने 111 टीमों का गठन किया था। टीमों ने स्थलीय निरीक्षण कर राशन कार्डों का सत्यापन किया तो कई तरह की लापरवाही सामने आई। राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 27 अपात्र व्यक्ति ऐसे मिले जिनका नियमों को ताख पर रख कर कार्ड बनाया गया था। हजारों का कार्डधारकों का शहर और गांव दोनों जगहों पर राशन कार्ड बनने की पुष्ठि हुई। इसके अलावा शासनादेश के धज्जियां उड़ाते हुए कई अपात्रों का गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने का कार्ड बना दिया गया था। टीम ने अपात्रों का कार्ड निरस्त कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपा। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र में करीब तीन लाख 29 हजार कार्डधारक है। इनमें 58000 अंत्योदय और दो लाख 61 हजार चार सौ पात्र गृहस्थी के कार्डधारक शामिल है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का राशनकार्ड निरस्त हुआ है उन्हें अविलंब राशन कार्ड क्षेत्रीय सप्लाई इंस्पेक्टर या डीएसओ कार्यालय में वापस करने का निर्देश दिया गया है। कहा कि 30 अगस्त तक राशन कार्ड सरेंडर न करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बताते चले कि जिन लोगों का कार्ड निरस्त हुआ है उनमें से अधिकांश ने राशन कार्ड अभी तक विभाग को वापस नहीं किया है।
विज्ञापन