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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   45 out of 53 samples of milk, khova and paneer failed, report came after consumption

Sonebhadra News: दूध, खोवा और पनीर के 53 में से 45 नमूने फेल, खपत होने के बाद आई रिपोर्ट

Tue, 04 Mar 2025 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 11:42 PM IST
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45 out of 53 samples of milk, khova and paneer failed, report came after consumption
होली पर घर में मिठाई बनाने के लिए दूध और खोवा खरीदने जा रहे हैं तो सावधान रहें। खाद्य सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग में दूध-खोवा, पनीर के 53 में से 45 नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। सैंपल की रिपोर्ट तब आई है, जब ज्यादातर सामान बाजार में खप चुका है। इनमें ज्यादातर नमूने दीपावली के आसपास लिए गए थे।
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महाशिवरात्रि के बाद से ही होली की तैयारियों में लोग जुट गए हैं। बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। दूध में पानी और खोवा में मैदा, मिल्क पाउडर, सिंघाड़े का आटा, शकरकंद, आलू आदि की मिलावट कर मात्रा को बढ़ाया जा रहा है।
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मिलावट के चलते इन सामानों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 11 माह में विभाग की ओर से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 156 सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं।
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इसमें फरवरी तक 128 की रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें से 69 अधोमानक (गुणवत्ताहीन) पाए गए हैं। जांच में जिन नमूनों की गुणवत्ता अच्छी नहीं मिली है, उसमें 28 दूध, 13 खोवा और 4 पनीर के हैं।
दूध से बनी मिठाइयों के दो, मक्खन का एक और मिठाई के अलावा अन्य दुग्ध उत्पाद के भी दो नमूने गुणवत्ता पर खरे नहीं पाए गए हैं। इसमें से ज्यादातर नमूने दीपावली के आसपास विशेष अभियान चलाकर लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट त्योहार खत्म होने के बाद तब प्राप्त हुई, जब उसकी खपत हो चुकी थी।
विभागीय अफसरों के मुताबिक जिला व मंडल स्तर पर जांच के लिए कोई लैब न होने से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में वक्त लगता है।

छह से चलेगा विशेष अभियान
होली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग 6 से 13 मार्च तक विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से विभागीय टीम भ्रमण करते हुए खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग करेगी। इसे सील कर जांच के लिए लैब भेजा जाएगा, लेकिन रिपोर्ट आने में 25-30 दिन लगेंगे। विभाग की इस सुस्ती के चलते अक्सर मिलावटी सामान की बिक्री हो चुकी होती है। ऐसे में लोगों को खरीदारी के वक्त ही सावधान रहने की जरूरत है।


मिलावटी सामानों की बिक्री रोकने के लिए निरीक्षण व छापे की कार्रवाई निरंतर की जाती है। संदिग्ध सामानों के सैंपल लेकर जांच को लैब भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाती है। रिपोर्ट में शीघ्रता के लिए अब मंडल स्तर पर ही लैब स्थापित हो रही है। शीघ्र ही इसका संचालन शुरू हो जाएगा। होली के मद्देनजर छह मार्च से अभियान शुरू होगा। -सूर्यलाल बिंद, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रॉबर्ट्सगंज।
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