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UP News: सोनभद्र में 27 माह में दैवीय आपदा से 440 ने गंवाई जान, बिजली गिरने, सर्पदंश की घटनाएं सबसे ज्यादा

Thu, 23 Jun 2022 01:59 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 23 Jun 2022 01:59 PM IST
सार

सोनभद्र मजिले में बारिश के दौरान तड़क-गरज के साथ बिजली का गिरना आम बात है। सर्पदंश की घटनाएं भी खूब होती हैं। पिछले 27 माह में दैवीय आपदा से 440 जनहानि हुई है।

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440 lost their lives due to divine calamity in 27 months in sonebhadra
सोनभद्र जिले में बारिश के दौरान बिजली का गिरना आम बात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोनभद्र जिले में हर साल दैवीय आपदा से सौ से अधिक लोगों की मौत होती है। पिछले 27 माह में दैवीय आपदा से 440 जनहानि हुई है। दैवीय आपदा राहत कोष से मृत प्रत्येक व्यक्ति के आश्रितों को चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन ने सभी लेखपालों समेत अन्य कर्मियों को निर्देश दिया है। ़

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सोनभद्र जिले में बारिश के दौरान तड़क-गरज के साथ बिजली का गिरना आम बात है। सर्पदंश की घटनाएं भी खूब होती हैं। अत्यधिक बारिश होने पर सोन, बकहर, बेलन कर्मनाशा समेत अन्य नदी, नाले उफान पर हो जाते हैं। जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ जाता है।
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पहाड़ी और जंगली इलाकों में वर्तमान परिवेश भी सभी बस्तियों में आने-जाने के लिए रास्ता न बनने के कारण मजबूरी में बारिश के दिनों में कुछ रहवासी पगडंडी पर भरे पानी में से ही गुजरते है। इस दौरान वह बाढ़ की चपेट में लोग डूबकर काल की गाल में भी समा जाते हैं। हर साल सबसे अधिक बिजली और सर्पदंश से लोगों की मौतें होती है।

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इसके बाद डूबने समेत अन्य दैवीय आपदाओं से भी लोगों की जान चली जाती है। इसको देखते हुए सरकार ने दैवीय आपदा से प्रभावितों को मुआवजा देती है। बभनी, नगवां, म्योरपुर घोरावल और चोपन ब्लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक दैवीय आपदा की घटनाएं घटित होती हैं।

इस संबंध में आपदा सलाहकार पवन शुक्ला की मानेें तो वर्ष 2020-21 में आपदा से करीब 175 जनहानि हुई थी। वर्ष 2021-22 में लगभग 230 और वर्ष 2022-23 में अब तक करीब 35 जनहानि हुई है। कहा कि मार्च वर्ष 22 तक आपदा से हुई जनहानि के प्रभावित लोगों के खाते में मुआवजा की धनराशि भेजी जा चुकी है। कहा कि तहसील स्तर से रिपोर्ट प्राप्त होने पर शेष लोगों को भी चली जाएगी। 

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