फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   उत्पादन प्रोत्साहन भता दिए जाने की मांग

उत्पादन प्रोत्साहन भता दिए जाने की मांग

Wed, 06 Mar 2019 11:34 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2019 11:34 PM IST
विज्ञापन
उत्पादन प्रोत्साहन भता दिए जाने की मांग
ओबरा (सोनभद्र)। उत्पादन निगम द्वारा ओबरा तापीय परियोजना का जनवरी माह का उत्पादन प्रोत्साहन राशि शून्य किये जाने से ओबरा परियोजना के कर्मियों में असंतोष है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ओबरा के सभी घटकों के पदाधिकारियों ने बुधवार को प्रबंध निदेशक उत्पादन निगम को संबोधित पत्र सीजीएम ओबरा को सौंपा। माह जनवरी 2019 के उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता के पुनरीक्षित आदेश निर्गत करने की मांग की। पदाधिकारियों ने परियोजना चिकित्सालय में तैनात सीएमओ डॉ. सुरेश चंद्र के अनपरा परियोजना चिकित्सालय में तबादला आदेश पर रोक लगाने की मांग की। अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा ने बताया कि उत्पादन निगम द्वारा विभिन्न तापीय परियोजनाओं से जनवरी माह में प्राप्त उत्पादन, तेल खपत एवं अन्य विभिन्न आंकड़ों के आधार पर निगम में कार्यरत नियमित कार्मिकों के लिए उत्पादन प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का आदेश विगत 28 फरवरी 2019 को निर्गत हुआ था। इसके तहत ओबरा तापीय परियोजना के लिए उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता शून्य कर दिया गया। इससे अधिकारियों, कर्मचारियों में आक्रोश है। संघर्ष समिति के संयोजक बीडी विश्वकर्मा एवं घटकों के पदाधिकारियों ने प्रबंध निदेशक को पत्र के जरिए अवगत कराया है कि 200 मेगावाट की 9वीं 10वीं एवं 11वीं इकाईयों के चलने से माह मई 2018 से सितंबर 2018 तक ओबरा के विद्युत कर्मियों को लगातार उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता मिलता रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश विगत 14 अक्टूबर 2018 को घटित भीषण अग्नि दुर्घटना से इन तीनों इकाईयों से विद्युत उत्पादन शून्य हो गया था। इससे दिसंबर माह तक उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता नहीं मिला। माह जनवरी 2019 से 200 मेगावाट की तीनों इकाइयां लगभग पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं। इस दौरान जनवरी माह में कुल उत्पादन 368.9 मिलियन यूनिट, थर्मल बैंकिंग 38.07 मेगावाट विशेष तेल खपत 0.818 किलो लीटर प्रति मेगावाट एवं पीएलएफ 91.365 प्रतिशत प्राप्त हुआ था जिस नाते प्रोत्साहन पालिसी के तहत जनवरी माह का ओबरा में ग्रुप ए के कर्मियों को उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता मूल वेतन का 11.44 फीसद भुगतान होना चाहिए था। जबकि निगम प्रबंधन ने ओबरा के कार्मिकों का जनवरी माह में प्रोत्साहन भत्ता शून्य कर दिया है जो कि संघर्ष समिति के समझ से परे है। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि दो सौ मेगावाट की 12वीं इकाई की उत्पादन क्षमता को उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता के आकलन में जोड़ा गया है तो गलत है क्योंकि 12वीं इकाई के ईएसपी व अन्य महत्वपूर्ण आरएण्डएम कार्य के पूर्ण होने से पहले ही 14 अक्टूबर को इस यूनिट के ट्रायल के दौरान अग्नि दुर्घटना हो गयी थी और अभी भी आरएण्डएम के तहत बंद चल रही है। संघर्ष समिति ने चेताया है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन हागा। ज्ञापन देने में बीएन सिंह, संतोष विश्वकर्मा, शशिकांत श्रीवास्तव, शाहिद अख्तर, अंबुज सिंह, नरसिंह त्रिपाठी, राधामोहन प्रजापति, वीपी कुशवाहा शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed