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बालू ठेकेदारों पर जुर्माना में अपना रहे दोहरी नीति
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:50 PM IST
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अवैध खनन करने वाले बालू के ठेकेदार नदियों का चीर हरण करने में जुटे हैं तो अफसर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर दोहरी नीति अपना रहे हैं। अवैध खनन और नदी में अस्थाई पुल बनाने के मामले में आगरा की पीएनसी कंपनी के निदेशक के खिलाफ न सिर्फ मुकदमा दर्ज हुआ था बल्कि महीनों तक साइड बंद रही। वहीं सोमवार को दुद्धी की पिपरडीह और नगवां बालू साइड पर भारी मात्रा में अवैध खनन की पुष्टि होने के बाद महज जुर्माना लगाकर अफसर मामले को रफा दफा करने में जुटे रहे। वहीं खनन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिपरडीह पर अवैध खनन की मात्रा काफी कम दिखाई गई है। अगर इसकी जांच फिर से हो तो जुर्माना की राशि दो गुनी से अधिक हो जाएगी।
बताते चलें कि सोमवार को दुद्धी तहसील के पिपरडीह और नगवां बालू साइड पर तहसील प्रशासन के साथ खान विभाग की टीम ने छापा मारा था। इस दौरान दोनों साइडों पर अवैध खनन की पुष्टि हुई थी। खान विभाग ने नगवां की डर्बी बालू साइड पर 1760 घनमीटर अवैध खनन की रिपोर्ट दी। राजस्व से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पिपरडीह साइड पर 14 सौ से लेकर 2000 घनमीटर तक अवैध खनन हुआ है मगर रिपोर्ट में महज 450 घनमीटर का अवैध खनन दिखाया गया। सूत्र बताते हैं कि पिपरडीह में साइड पर 60 हजार घनमीटर एक लाट की लीज स्वीकृत हुई है। जबकि ठीक बगल में दो लाट खाली है। इसकी रायल्टी 615 रुपये है। अवैध खनन की पुष्टि होने पर 615 रुपये रायल्टी का पांच गुना जुर्माना लगाने का प्राविधान है। ऐसे में जुर्माना की राशि काफी अधिक हो जाती। इस नाते 450 घनमीटर ही दिखाया गया। इसका पांच गुना खनिमुख मूल्य जोड़ कर जुर्माना की राशि 21 लाख हुई है। जबकि नगवां बालू की रायल्टी 250 रुपये से अधिक है इस नाते जांच में यहां अवैध खनन 1760 घनमीटर दिखाया गया। रायल्टी कम होने के नाते नगवां के ठेकेदार को 26 लाख का जुर्माना ठोंका गया। वहीं खनन प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर अशोक कुमार यादव कहते हैं जांच में जो भी गड़बड़ी मिली है उस पर कार्रवाई की गई है। दोनों ठेकेदारों पर 47 लाख का जुर्माना ठोंकते हुए रायल्टी कोड लाक कर दिया गया है। पीएनसी के समय शासनादेश विभाग के पास नहीं था इस नाते मुकदमा दर्ज हुआ था।
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बताते चलें कि सोमवार को दुद्धी तहसील के पिपरडीह और नगवां बालू साइड पर तहसील प्रशासन के साथ खान विभाग की टीम ने छापा मारा था। इस दौरान दोनों साइडों पर अवैध खनन की पुष्टि हुई थी। खान विभाग ने नगवां की डर्बी बालू साइड पर 1760 घनमीटर अवैध खनन की रिपोर्ट दी। राजस्व से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पिपरडीह साइड पर 14 सौ से लेकर 2000 घनमीटर तक अवैध खनन हुआ है मगर रिपोर्ट में महज 450 घनमीटर का अवैध खनन दिखाया गया। सूत्र बताते हैं कि पिपरडीह में साइड पर 60 हजार घनमीटर एक लाट की लीज स्वीकृत हुई है। जबकि ठीक बगल में दो लाट खाली है। इसकी रायल्टी 615 रुपये है। अवैध खनन की पुष्टि होने पर 615 रुपये रायल्टी का पांच गुना जुर्माना लगाने का प्राविधान है। ऐसे में जुर्माना की राशि काफी अधिक हो जाती। इस नाते 450 घनमीटर ही दिखाया गया। इसका पांच गुना खनिमुख मूल्य जोड़ कर जुर्माना की राशि 21 लाख हुई है। जबकि नगवां बालू की रायल्टी 250 रुपये से अधिक है इस नाते जांच में यहां अवैध खनन 1760 घनमीटर दिखाया गया। रायल्टी कम होने के नाते नगवां के ठेकेदार को 26 लाख का जुर्माना ठोंका गया। वहीं खनन प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर अशोक कुमार यादव कहते हैं जांच में जो भी गड़बड़ी मिली है उस पर कार्रवाई की गई है। दोनों ठेकेदारों पर 47 लाख का जुर्माना ठोंकते हुए रायल्टी कोड लाक कर दिया गया है। पीएनसी के समय शासनादेश विभाग के पास नहीं था इस नाते मुकदमा दर्ज हुआ था।
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