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श्रमिक नेता के निधन से शोक की लहर
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:21 PM IST
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शक्तिनगर। श्रमिक नेता रामलाल दुबे के निधन से कोयला कामगारों में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के बाद एनसीएल खड़िया कोयला परियोजना स्थित उनके आवास पर श्रम संगठन के नेताओं के साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों व शुभचिंतकों का तांता लग गया।
बताते चले कि कोयला क्षेत्र में एक सशक्त श्रमिक नेता के रूप में कई दशक तक कोयला श्रमिकों की आवाज बनने वाले श्री दुबे कुछ माह पूर्व ही सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त से पहले वह कैंसर जैसी घातक बीमारी की चपेट में आए लेकिन विदेश में इलाज के बाद काफी हद तक ठीक हुए लेकिन सेहत गिरती गई और करीब साल भर से गंभीर रूप से बीमार थे। श्री दुबे बुधवार शाम अपने खड़िया स्थित आवास पर अंतिम सांस लिया। घटना को दुखद बताते हुए कोयला श्रमिक सभा एचएमएस के अध्यक्ष संत कुमार गुप्ता, बबलू प्रधान, महामंत्री अटल बिहारी राम सहित वाई सिंह, एमपी अग्निहोत्री, सीएसपी उपाध्याय सहित तमाम कर्मचारी एवं संगठन के सदस्यों ने कहा कि श्रमिक हितों के लिए लड़ने वाले दुबे की भरपाई संभव नहीं है। एचएमएस के संस्थापक सदस्य पीएफ ट्रस्टी व बोर्ड के मेंबर राकेश कुमार ने कहा कि दुबे में अद्भुत सांगठनिक क्षमता थी।
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बताते चले कि कोयला क्षेत्र में एक सशक्त श्रमिक नेता के रूप में कई दशक तक कोयला श्रमिकों की आवाज बनने वाले श्री दुबे कुछ माह पूर्व ही सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त से पहले वह कैंसर जैसी घातक बीमारी की चपेट में आए लेकिन विदेश में इलाज के बाद काफी हद तक ठीक हुए लेकिन सेहत गिरती गई और करीब साल भर से गंभीर रूप से बीमार थे। श्री दुबे बुधवार शाम अपने खड़िया स्थित आवास पर अंतिम सांस लिया। घटना को दुखद बताते हुए कोयला श्रमिक सभा एचएमएस के अध्यक्ष संत कुमार गुप्ता, बबलू प्रधान, महामंत्री अटल बिहारी राम सहित वाई सिंह, एमपी अग्निहोत्री, सीएसपी उपाध्याय सहित तमाम कर्मचारी एवं संगठन के सदस्यों ने कहा कि श्रमिक हितों के लिए लड़ने वाले दुबे की भरपाई संभव नहीं है। एचएमएस के संस्थापक सदस्य पीएफ ट्रस्टी व बोर्ड के मेंबर राकेश कुमार ने कहा कि दुबे में अद्भुत सांगठनिक क्षमता थी।
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