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जेल में निरूद्ध कोटेदार का डॉक्टर ने बना दिया मेडिकल
Updated Thu, 02 Nov 2017 10:58 PM IST
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सोनभद्र। जनपद में फर्जी मेडिकल बनाने का खेल चल रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब सीजेएम सिद्धार्थ वाष्णेय ने जेल में बंद कोटेदार का फर्जी मेडिकल बनाने के मामले में एक डॉक्टर पर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
कोतवाली क्षेत्र के पसही गांव के कमलेश कुमार के अधिवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि गांव का कोटेदार राम विलास धोखाधड़ी के मामले में 16 अगस्त 2016 को जेल भेजा गया था। 29 अगस्त 2016 तक जेल में निरुद्ध रहा। ऐसे में सितंबर 2015 का आवंटित राशन, चीनी की अग्रिम धनराशि जमा नहीं हो सकी। इस पर एसडीएम ने 27 अगस्त 2016 को दुकान को निलंबित कर दिया। कोटेदार से साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा। कोटेदार ने जेल जाने तथा जेल में रहने की समयावधि को छिपा लिया। स्पष्टीकरण साक्ष्य के रूप में राबर्ट्सगंज के प्राइवेट चिकित्सक डॉ. केडी सिंह से मेडिकल/ फिटनेस प्रमाण पत्र बनवा लिया। इस आधार पर कोटे की दुकान पुन: बहाल हो गई। इसकी सूचना कोतवाली एवं एसपी को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कोटेदार रामविलास के जेल में निरुद्ध रहने की प्रश्नोत्तरी की जांच की। डॉक्टर से नौ अगस्त 2016 से 22 सितंबर 2016 तक पीलिया पीड़ित होना दिखाया है। फर्जी मेडिकल के आधार पर कोटे की दुकान को एसडीएम के यहां से बहाल कराने के मामले को संज्ञेय अपराध मानते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
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