फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   25 thousand liters of diesel laden tanker caught from UP-MP border

यूपी-एमपी बार्डर से 25 हजार लीटर डीजल लदा टैंकर पकड़ाया

Thu, 06 Oct 2022 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
25 thousand liters of diesel laden tanker caught from UP-MP border
आपूर्ति विभाग की टीम ने शक्तिनगर बस स्टैंड तिराहा के पास से 25 हजार लीटर डीजल की बड़ी खेप पकड़ी। टैंकर में लदा यह डीजल एनसीएल की दुद्धीचुआ परियोजना में जा रहा था। आपूर्ति विभाग ने डीजल लदे टैंकर को पुलिस को सुपुर्द करते हुए इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। दावा है कि पकड़ा गया तेल रियायती दर का है जिसे पेट्रोल पंपों को आवंटित किया जाता है। मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन

इसी साल मार्च में केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिटेल व कंज्यूमर श्रेणी के हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) में नई दर का निर्धारण किया था। इसके बाद व्यवसायिक उपयोग वाले कंज्यूमर श्रेणी के डीजल में करीब 26 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो गई। नतीजा तेल डिपो व टर्मिनल से उठाया जाने वाला डीजल महंगा तो पंपों के जरिए आम उपभोक्ताओं को उपलब्ध होने वाला डीजल सस्ता हो गया।
विज्ञापन

इसी 26 रूपये प्रति लीटर के अंतर को भुनाने के लिए एनसीएल की कोयला खदानों में कार्य कर रही आउटसोर्सिंग कंपनियों ने पंपों का रुख किया और रियायत का डीजल हासिल करने की होड़ मच गई। अमर उजाला ने 31 मार्च के अंक में कारोबार के बढ़ते दायरे का जिक्र करते हुए डिपो पर महंगा तो पंपों से खरीदने की होड़ शीर्षक से खबर भी प्रकाशित किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

करीब पांच माह बाद डीएम के निर्देश पर आपूर्ति विभाग की टीम ने 25 हजार लीटर डीजल लदा टैंकर पकड़ा है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक चंदौली स्थित पंप से डीजल नियम विरुद्ध कोयला खदान में कार्य कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी में पहुंचाया जा रहा था।
दुद्धी के आपूर्ति निरीक्षक निर्मल सिंह ने बताया कि डीजल भरे टैंकर को पुलिस को सुपुर्द करते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। निर्देश के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, पिपरी सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि एक टैंकर डीजल पकड़कर आपूर्ति विभाग ने पुलिस को सौंपा। उनकी ओर से दी जाने वाली तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे हो रहा था तेल का खेल
आम लोगों के साथ पंप पर पहुंचने वाले छोटे बड़े वाहनों को मिलने वाला सस्ता डीजल एनसीएल की आउटसोर्सिंग (ओबी) कंपनियों में खपाया जा रहा है। इसी तरह के मामले में मई 2013 में सीबीआई की लखनऊ टीम ने छापेमारी की थी। हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) की दर को लेकर तेल मंत्रालय ने नियमों में बदलाव किया था। बदलाव के बाद कंज्यूमर कैटेगरी में आने वाले बल्क कामर्शियल यूजर्स के एचएसडी रेट में करीब 26 रूपये का इजाफा हो गया। इसी के बाद कारोबारियों ने खुदरा बिक्री करने वाले पंपों की तरफ रुख किया। तेल कारोबार की समझ रखने वालों का कहना है कि पंपों तक पहुंचने वाले वाहनों को मांग के मुताबिक डीजल व पेट्रोल देना कोई गलत नहीं। इसकी जगह तेल टैंकरों के चेंबर पंप के नोजल से भरा जाना पूर्ण रूप से नियम के खिलाफ है। एमपी व यूपी के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित कई पंपों की हालिया व पूर्व बिक्री के लेखाजोखा की जांच हो जाए तो पूरा धंधा बेपरदा हो सकता है।
कई बने हैं खेल के नायक
जिले के कई पंप संचालक तेल के नए खेल के नायक बने है। राबर्ट्सगंज और सिंगरौली (मप्र) क्षेत्र स्थित कुछ पंप संचालकों की भूमिका अधिक बताई जा रही है। रोजाना इन पंपों से कई लाख लीटर डीजल बल्क यूजर्स हासिल कर रहे हैं। एनसीएल की कोयला खदानों में अधिभार हटाने में लगी निजी कंपनियां एडवांस पेमेंट के जरिए अधिकाधिक रियायती डीजल उठा रही है।

सीबीआई की छापेमारी से खुली थी पोल
करीब दस साल पहले कंज्यूमर व रिटेल डीजल के अंतर को भुनाने के लिए आउटसोर्सिंग कंपनियों ने पंपों का तेल बल्क में खपाना शुरू किया था। शिकायत के बाद सीबीआई लखनऊ की कई टीमों ने तत्कालीन एएसपी राजीव सिंह की अगुवाई में साल 2013 में छापेमारी की थी। इस दौरान एनसीएल खड़िया, बीना, ककरी व दुद्धीचुआ में बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आई थी। कार्रवाई के बाद कारोबार थम गया। इसके बाद कंज्यूमर व रिटेल के डीजल दर में अंतर कम हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed