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Sonebhadra News: 2.4 लाख बकायेदार, 10 दिन में सिर्फ 3800 ने कराया पंजीकरण
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सोनभद्र। बिजली बिल राहत योजना के प्रति उपभोक्ताओं में खास रुझान नहीं दिख रहा है। बकाया बिजली बिल में छूट और सरचार्ज माफी के बावजूद जिले में पंजीकरण बेहद धीमी गति से हो रहा है। जिले में 2.4 लाख उपभोक्ताओं पर 1144 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है लेकिन 10 दिन में सिर्फ 3800 लोगों ने पंजीकरण कराया है।
जिले के दोनों डिविज़न में उपभोक्ताओं पर 1144 करोड़ रुपये बकाया है। छूट योजना में ब्याज और सरचार्ज माफ करने का प्रावधान है। साथ ही विद्युत चोरी मामलों में भी आधी छूट दी जा रही है। राॅबर्ट्सगंज और पिपरी डिविजन के लगभग 2.82 लाख उपभोक्ताओं को इस योजना से सीधा लाभ मिलना है।
राॅबर्ट्सगंज डिविजन में 151300 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इन पर 822 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज है। इनमें से 1.22 लाख उपभोक्ताओं को ओटीएस श्रेणी में शामिल किया गया है। इन उपभोक्ताओं के पास वन टाइम सेटलमेंट का भी मौका दिया गया है। दूसरी ओर पिपरी विद्युत डिविजन में कुल 1.31 लाख उपभोक्ता हैं। इन पर 322 करोड़ रुपये का बकाया है। इनमें से 82 हजार उपभोक्ताओं को ओटीएस श्रेणी में शामिल किया गया है। निगम ने चोरी प्रकरणों पर भी आधी छूट की पहल की है। राॅबर्ट्सगंज डिविजन में 2038 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर विद्युत चोरी के प्रकरण दर्ज हैं। वहीं पिपरी डिविजन में भी चोरी के 1200 उपभोक्ता योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। चोरी प्रकरणों वाले उपभोक्ताओं को आधी राशि जमा कराकर प्रकरण निस्तारित करने का अवसर दिया जा रहा है। हालांकि योजना में उपभोक्ताओं का ठोस रुझान देखने को नहीं मिल रहा है। योजना के दस दिनों में पिपरी विद्युत डिविजन में केवल 1,800 उपभोक्ताओं ने ही पंजीकरण कराया है। इनकी ओर से जमा की गई धनराशि महज 91 लाख रुपये है। जबकि विद्युत चोरी के 13 मामलों का निस्तारण कर 2.50 लाख रुपये जमा कराया गया। जो कुल उपभोक्ताओं के मुकाबले बहुत कम मानी जा रही है। इसी तरह रॉबर्ट्सगंज डिविजन में भी स्थिति उत्साहजनक नहीं है। यहां दस दिनों में 2,044 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया। इनकी ओर से जमा की गई धनराशि 1.21 करोड़ रुपये रही। विद्युत चोरी के 29 मामलों का निस्तारण कर 5 लाख रुपये जमा कराए गये। विशेषज्ञों के अनुसार, चोरी प्रकरणों का निस्तारण और भुगतान दोनों ही अपेक्षा से काफी कम हैं।
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पहले चरण में 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट
राहत योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जा रहा है। पहले चरण में 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी मिल रही है, फिर भी बकायेदारों का रुझान बेहद कम है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि सर्वर की गति धीमी होने, उपभोक्ताओं में उदासीनता और दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण पंजीकरण कम हो रहे हैं।
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राहत योजना सीमित समय के लिए शुरू की गई है। उपभोक्ता जितनी जल्दी अपने मामलों का निपटारा कराएंगे, उतना ज्यादा उन्हें लाभ मिलेगा। जिले में दस दिनों में 3800 उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। - एसबी ठाकुर, एक्सईएन।
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जिले के दोनों डिविज़न में उपभोक्ताओं पर 1144 करोड़ रुपये बकाया है। छूट योजना में ब्याज और सरचार्ज माफ करने का प्रावधान है। साथ ही विद्युत चोरी मामलों में भी आधी छूट दी जा रही है। राॅबर्ट्सगंज और पिपरी डिविजन के लगभग 2.82 लाख उपभोक्ताओं को इस योजना से सीधा लाभ मिलना है।
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राॅबर्ट्सगंज डिविजन में 151300 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इन पर 822 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज है। इनमें से 1.22 लाख उपभोक्ताओं को ओटीएस श्रेणी में शामिल किया गया है। इन उपभोक्ताओं के पास वन टाइम सेटलमेंट का भी मौका दिया गया है। दूसरी ओर पिपरी विद्युत डिविजन में कुल 1.31 लाख उपभोक्ता हैं। इन पर 322 करोड़ रुपये का बकाया है। इनमें से 82 हजार उपभोक्ताओं को ओटीएस श्रेणी में शामिल किया गया है। निगम ने चोरी प्रकरणों पर भी आधी छूट की पहल की है। राॅबर्ट्सगंज डिविजन में 2038 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर विद्युत चोरी के प्रकरण दर्ज हैं। वहीं पिपरी डिविजन में भी चोरी के 1200 उपभोक्ता योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। चोरी प्रकरणों वाले उपभोक्ताओं को आधी राशि जमा कराकर प्रकरण निस्तारित करने का अवसर दिया जा रहा है। हालांकि योजना में उपभोक्ताओं का ठोस रुझान देखने को नहीं मिल रहा है। योजना के दस दिनों में पिपरी विद्युत डिविजन में केवल 1,800 उपभोक्ताओं ने ही पंजीकरण कराया है। इनकी ओर से जमा की गई धनराशि महज 91 लाख रुपये है। जबकि विद्युत चोरी के 13 मामलों का निस्तारण कर 2.50 लाख रुपये जमा कराया गया। जो कुल उपभोक्ताओं के मुकाबले बहुत कम मानी जा रही है। इसी तरह रॉबर्ट्सगंज डिविजन में भी स्थिति उत्साहजनक नहीं है। यहां दस दिनों में 2,044 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया। इनकी ओर से जमा की गई धनराशि 1.21 करोड़ रुपये रही। विद्युत चोरी के 29 मामलों का निस्तारण कर 5 लाख रुपये जमा कराए गये। विशेषज्ञों के अनुसार, चोरी प्रकरणों का निस्तारण और भुगतान दोनों ही अपेक्षा से काफी कम हैं।
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पहले चरण में 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट
राहत योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जा रहा है। पहले चरण में 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी मिल रही है, फिर भी बकायेदारों का रुझान बेहद कम है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि सर्वर की गति धीमी होने, उपभोक्ताओं में उदासीनता और दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण पंजीकरण कम हो रहे हैं।
राहत योजना सीमित समय के लिए शुरू की गई है। उपभोक्ता जितनी जल्दी अपने मामलों का निपटारा कराएंगे, उतना ज्यादा उन्हें लाभ मिलेगा। जिले में दस दिनों में 3800 उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। - एसबी ठाकुर, एक्सईएन।