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गजब की ठगी! दो लोगों से नियुक्ति के नाम पर 24 लाख ऐंठे, काशी विद्यापीठ ले जाकर नियुक्ति पत्र थमा दिया, कुछ ऐसे खुली पोल

Tue, 22 Dec 2020 08:25 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Tue, 22 Dec 2020 08:25 PM IST
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24 lakh accused in the name of appointment in Kashi Vidyapeeth
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में लिपिक के पद पर दो व्यक्तियों को नियुक्ति दिलाने के नाम पर 24 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। दोनों को विद्यापीठ तक ले जाकर नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। जब वे ज्वाइन करने पहुंचे तो पता चला कि नौकरी का झांसा देकर उनसे रुपये ऐंठ लिए गए हैं। इसमें जिले के एक व्यक्ति के अलावा सचिवालय से जुड़े एक कथित कर्मचारी की भी भूमिका बताई जा रही है। पुलिस को इस मामले में तहरीर दे दी गई है।

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सोनभद्र के सदर कोतवाली क्षेत्र के जमगाई गांव निवासी शंकर यादव ने तहरीर दी कि 2018 में उनसे एक व्यक्ति की मुलाकात हुई। उसने कहा कि मेरे एक मित्र हैं जो सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग में कर्मचारी हैं। अगर कोई आपका परिचित नौकरी करना चाहता है तो नौकरी लगवाई जा सकती है। इसके बाद उसके मित्र से सचिवालय के बाहर एक होटल में मुलाकात हुई।
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वहां पर उस मित्र ने बताया कि विश्वविद्यालयों में 84 लिपिकों की पोस्ट पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकला है। ऑनलाइन आवेदन करवाकर सभी अभिलेख की कॉपी मेरे पास भेज दीजिएगा। नियुक्ति के लिए जो रुपये लगेंगे देना पड़ेगा। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में करीब 22 लाख रुपये लिए गए। करीब डेढ़ लाख से अधिक की रकम भाग दौड़ के नाम पर ली गई।
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शंकर यादव ने बताया कि रुपये देने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तब रुपये का तगादा शुरू कर दिया। उसे, उसके भाई और प्रमोद यादव को काशी विद्यापीठ वाराणसी ले जाया गया। वहां कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने का प्रमाण पत्र भी दिला दिया गया। उस पर नियुक्ति प्राधिकारी का हस्ताक्षर और काशी विद्यापीठ की मुहर लगी थी।

इसके बाद कहा गया कि सचिवालय से कुलपति के यहां पत्र आएगा। उसके बाद ही नियमित ड्यूटी करनी होगी। फिर एक फरवरी 2019 को काशी विद्यापीठ ले जाया गया जहां से चार फरवरी को उपस्थित होकर मूल पत्रावलियां दिखाने का पत्र थमाया गया।

इसके बाद जब चार फरवरी को पहुंचे तो पता चला न कोई नियुक्ति का पद निकला है नहीं उन्हें कोई पत्र अधिकारियों ने जारी किया है। इस संबंध में कोतवाल अंजनी कुमार राय ने कहा कि अभी उनके समक्ष तहरीर नहीं आई है। जैसे ही तहरीर मिलती है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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