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भाषा मनुष्य को अपने विचार दूसरों तक पहुंचाने का माध्यम
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:21 PM IST
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सिंगरौली (सोनभद्र)। एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना के प्रशासनिक भवन सभागार में विशेष राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया । इसमें संकाय सदस्य के रूप में सदस्य राजभाषा सलाहकार समिति विद्युत मंत्रालय भारत सरकार अमलेश्वर चतुर्वेदी मौजूद रहे।
एनटीपीसी एवं कोर वैल्यू पर आधारित गीत से कार्यशाला का प्रारम्भ हुआ। समूह महाप्रबंधक प्रभारी आर पद्मकुमार ने राजभाषा कार्यान्वयन की गति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में आगे निरंतर ही प्रयत्नशील रहेंगे। मानव संसाधन प्रमुख उत्तम लाल ने कहा कि एनटीपीसी राजभाषा अधिनियम के अनुपालन की दिशा में निरंतर ही आगे बढ़ रहा है। संकाय सदस्य चतुर्वेदी ने कहा कि जो भी वस्तु क्रियाशील है, उसके पीछे शक्ति का स्पंदन ही काम करता है। शक्ति के बिना हर वस्तु निष्क्रिय है । इसी प्रकार भाषा भी एक शक्ति है, जो मनुष्य को अपने विचार दूसरों तक पहुंचाने का एक माध्यम है। उन्होंने राजभाषा कार्यांवयन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मुख्य रूप से तीन बिन्दुओं पर जोर भी दिया। चतुर्वेदी को समूह महाप्रबंधक प्रभारी ने स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया। सहायक प्रबंधक राजभाषा संतोष कुमार श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
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एनटीपीसी एवं कोर वैल्यू पर आधारित गीत से कार्यशाला का प्रारम्भ हुआ। समूह महाप्रबंधक प्रभारी आर पद्मकुमार ने राजभाषा कार्यान्वयन की गति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में आगे निरंतर ही प्रयत्नशील रहेंगे। मानव संसाधन प्रमुख उत्तम लाल ने कहा कि एनटीपीसी राजभाषा अधिनियम के अनुपालन की दिशा में निरंतर ही आगे बढ़ रहा है। संकाय सदस्य चतुर्वेदी ने कहा कि जो भी वस्तु क्रियाशील है, उसके पीछे शक्ति का स्पंदन ही काम करता है। शक्ति के बिना हर वस्तु निष्क्रिय है । इसी प्रकार भाषा भी एक शक्ति है, जो मनुष्य को अपने विचार दूसरों तक पहुंचाने का एक माध्यम है। उन्होंने राजभाषा कार्यांवयन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मुख्य रूप से तीन बिन्दुओं पर जोर भी दिया। चतुर्वेदी को समूह महाप्रबंधक प्रभारी ने स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया। सहायक प्रबंधक राजभाषा संतोष कुमार श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
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