{"_id":"5a89acfc4f1c1bb5568b47d8","slug":"201518972156-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वितीयपूंजी की तानाशाही को स्थापित करने में लगी है सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वितीयपूंजी की तानाशाही को स्थापित करने में लगी है सरकार
Updated Sun, 18 Feb 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनपरा। पूंजी की तानाशाही का दौर चल रहा है। चौतरफा तानाशाही को स्थापित करने में मोदी और योगी की सरकारें लगी हुई हैं। सीधे तौर पर हमारे देश के संविधान, संस्थाओं, सार्वजनिक उद्योगों, प्राकृतिक संसाधनों और आम आदमी के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। जनता के बीच नफरत और विभाजन की राजनीति को पैदा किया जा रहा है। संसद में पेश बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जीवन के लिए जरूरी मदों में बड़ी कटौती की गयी है। यह बातें अनपरा में आयोजित ठेका मजदूर यूनियन के 15वें जिला सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए स्वराज अभियान की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि अनपरा और ओबरा तापीय परियोजनाओं को बड़े पूंजी घरानों के लाभ के लिए बर्बाद करने में खुद सरकार लगी हुई है। ओबरा की ज्यादातर इकाइयां बंद की जा चुकी हैं और सबसे सस्ती और कभी तो सौ प्रतिशत से ज्यादा पीएलएफ देने वाली अनपरा परियोजना में उत्पादन को घटवाया जा रहा। अनुरक्षण के कार्यों में आवंटित बजट में लगातार कटौती की जा रही है। पिछले दो सालों में करीब एक अरब रुपये से ज्यादा इन परियोजनाओं में हुए कामों का बकाया सरकार पर है। लैंकों तापीय परियोजना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को तत्काल इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लैंकों पर आए संकट से यह स्पष्ट है कि सरकार का निजीकरण का प्रयोग विफल साबित हुआ है इसलिए सरकार को लैंकों के बंद होने की स्थितियों में इसे अधिग्रहित करना चाहिए और इसमें कार्यरत कर्मचारियों व संविदा श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा की गारंटी देनी चाहिए। यूपी वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर, कर्मचारी नेता रज्जन प्रसाद, रमाशंकर यादव, वर्कर्स फ्रंट के जिला प्रभारी ओपी सिंह, मजदूर किसान मंच के अजय राय आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष सुरेन्द्र पाल ने की और संचालन राम नरेश यादव ने किया। सम्मेलन में यूनियन के मंत्री राजेश सचान ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस मौके पर राम नरेश यादव, मोहन प्रसाद, कृपाशंकर पनिका, मुस्ताक अहमद और तेजधारी गुप्ता आदि मौजूद रहे
विज्ञापन