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एनसीएल के 35 कर्मियों पर कसा शिकंजा
Updated Wed, 20 Sep 2017 11:43 PM IST
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अनपरा। म्योरपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत रेहटा में रहने वाले 35 कर्मियों पर स्वच्छ भारत मिशन का शिकंजा कस गया है। टीम के सर्वे में खुलासा हुआ है कि इन कर्मियों के घर में शौचालय नहीं है और वे खुले में शौच करते हैं। जिला परियोजना समन्वयक ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इन कर्मियों के वेतन लेने पर रोक लगाने की मांग की है।
गांव को खुले में शौच से मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने दो सितंबर को म्योरपुर ब्लाक के रेहटा ग्राम पंचायत का सर्वे किया। सर्वे में एनसीएल से विस्थापित 35 ऐेसे लोग मिले, जिन्हें एनसीएल में नौकरी दी गई है। उन्हें विस्थापन के तहत रेहटा गांव में बसाया भी गया है। इन कर्मियों की मौजूदा समय में अच्छी पगार भी है लेकिन उनके घरों में शौचालय नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन के जिला परियोजना समन्वयक अनिल केशरी ने इन कर्मियों की सूची के साथ जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। जिसमें यह मांग की गई कि एनसीएल के जनरल मैनेजर को पत्र भेजकर खुले में शौच करने वाले इन कर्मियों के वेतन आहरण पर रोक लगाई जाए।
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गांव को खुले में शौच से मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने दो सितंबर को म्योरपुर ब्लाक के रेहटा ग्राम पंचायत का सर्वे किया। सर्वे में एनसीएल से विस्थापित 35 ऐेसे लोग मिले, जिन्हें एनसीएल में नौकरी दी गई है। उन्हें विस्थापन के तहत रेहटा गांव में बसाया भी गया है। इन कर्मियों की मौजूदा समय में अच्छी पगार भी है लेकिन उनके घरों में शौचालय नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन के जिला परियोजना समन्वयक अनिल केशरी ने इन कर्मियों की सूची के साथ जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। जिसमें यह मांग की गई कि एनसीएल के जनरल मैनेजर को पत्र भेजकर खुले में शौच करने वाले इन कर्मियों के वेतन आहरण पर रोक लगाई जाए।
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