{"_id":"5b254ced4f1c1bb26e8b8612","slug":"191529171181-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धक्का देने से अनियंत्रित होकर बावली में गिरा था सीताराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धक्का देने से अनियंत्रित होकर बावली में गिरा था सीताराम
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
म्योरपुर। क्षेत्र के सुपाचुआ गांव के बेलहवा टोला में छह दिन पूर्व बावली में मिले सीताराम (55) के शव के मामले ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने हाथापाई के दौरान धक्का देने से तालाब में गिरने की बात सामने आने के बाद, शनिवार को आरोपी फड़ मुंशी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया।
सुपाचुआ गांव के बेलहवा टोला में गत दस जून को सीताराम (55) का बावली में शव उतराया मिला। परिवार वालों का कहना था कि उसकी हत्या हुई है। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान न मिलने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डूबने से ही मौत की बात सामने आने से पुलिस तत्काल कोई निर्णय नहीं ले पाई और अपने स्तर से मामले की जांच शुरू कर दी। पूछताछ के बाद पता चला कि नौ जून की शाम गांव के ही तेंदू पत्ता फड़ मुंशी रामलखन और सीताराम दोनों बावली के भीटे पर बैठकर आपस में बात कर रहे थे। उसी दौरान सीताराम ने रामलखन से कुछ रुपया मांगा। रामलखन ने इंकार किया तो विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान रामलखन ने सीताराम को धक्का दे दिया। इससे अनियंत्रित होकर सीताराम सीधे तालाब में जा गिरा। तैरना न आने के कारण उसकी डूबकर मौत हो गई।
विज्ञापन
सुपाचुआ गांव के बेलहवा टोला में गत दस जून को सीताराम (55) का बावली में शव उतराया मिला। परिवार वालों का कहना था कि उसकी हत्या हुई है। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान न मिलने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डूबने से ही मौत की बात सामने आने से पुलिस तत्काल कोई निर्णय नहीं ले पाई और अपने स्तर से मामले की जांच शुरू कर दी। पूछताछ के बाद पता चला कि नौ जून की शाम गांव के ही तेंदू पत्ता फड़ मुंशी रामलखन और सीताराम दोनों बावली के भीटे पर बैठकर आपस में बात कर रहे थे। उसी दौरान सीताराम ने रामलखन से कुछ रुपया मांगा। रामलखन ने इंकार किया तो विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान रामलखन ने सीताराम को धक्का दे दिया। इससे अनियंत्रित होकर सीताराम सीधे तालाब में जा गिरा। तैरना न आने के कारण उसकी डूबकर मौत हो गई।
विज्ञापन