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रेणुका पर पुल निर्माण को लेकर मुख्य सीजीएम को सौंपा ज्ञापन
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:35 PM IST
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सोनभद्र (ओबरा)। रेणुका पुल निर्माण संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को ओबरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा और पुल का निर्माण जल्द कराने की मांग की। सी परियोजना के निर्माण में लगी निजी कंपनी में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग भी उठाई गई।
इंटक के जिलाध्यक्ष एवं रेणुका पुल निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक हरदेव नारायण तिवारी के नेतृत्व में मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पनारी के प्रधान उदित नारायण खरवार, जुगैल के प्रधान प्रभुनाथ खरवार, परसोई के प्रधान सुधरी देवी, बैरपुर के प्रधान मलकन सिंह, कुलडोमरी के प्रधान पानपती देवी, कनहरा के प्रधान शिव कुमार जायसवाल, इंटक के जिला महासचिव शमीम अख्तर खां ने कहा कि पुल स्वीकृति को दस माह बीत जाने के बावजूद अभी तक पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। यह पुल आदिवासियों के विकास एवं भविष्य से जुड़ा हुआ है। यदि पुल का निर्माण एवं ओबरा तक संपर्क मार्ग नहीं दिया जाता है तो आदिवासियों की रोजी रोटी के साथ साथ इनका विकास अवरुद्ध हो जाएगा। एक माह में निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। ज्ञापन में स्थानीय आदिवासी क्षेत्र के मजदूरों की सूची ओबरा सी प्लांट में काम दिलाने की मांग हुई। बता दें कि इस संबंध में ओबरा तापीय परियोजना प्रशासन ओबरा सी निर्माण को लेकर रास्ता देने में असमर्थता जता चुका है। इस मौके पर राम विलास दुबे, रामदुलारे गोड़, हरिशंकर गोंड़, रमाशंकर गोंड़, शंकर भारती, सूर्य नारायण सिंह, देवी प्रसाद, हीरालाल, कंपनी खरवार, नंदलाल प्रजापति, अकमानी देवी, दुधनाथ खरवार, राजाराम भारती, भोला यादव मौजूद रहे।
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इंटक के जिलाध्यक्ष एवं रेणुका पुल निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक हरदेव नारायण तिवारी के नेतृत्व में मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पनारी के प्रधान उदित नारायण खरवार, जुगैल के प्रधान प्रभुनाथ खरवार, परसोई के प्रधान सुधरी देवी, बैरपुर के प्रधान मलकन सिंह, कुलडोमरी के प्रधान पानपती देवी, कनहरा के प्रधान शिव कुमार जायसवाल, इंटक के जिला महासचिव शमीम अख्तर खां ने कहा कि पुल स्वीकृति को दस माह बीत जाने के बावजूद अभी तक पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। यह पुल आदिवासियों के विकास एवं भविष्य से जुड़ा हुआ है। यदि पुल का निर्माण एवं ओबरा तक संपर्क मार्ग नहीं दिया जाता है तो आदिवासियों की रोजी रोटी के साथ साथ इनका विकास अवरुद्ध हो जाएगा। एक माह में निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। ज्ञापन में स्थानीय आदिवासी क्षेत्र के मजदूरों की सूची ओबरा सी प्लांट में काम दिलाने की मांग हुई। बता दें कि इस संबंध में ओबरा तापीय परियोजना प्रशासन ओबरा सी निर्माण को लेकर रास्ता देने में असमर्थता जता चुका है। इस मौके पर राम विलास दुबे, रामदुलारे गोड़, हरिशंकर गोंड़, रमाशंकर गोंड़, शंकर भारती, सूर्य नारायण सिंह, देवी प्रसाद, हीरालाल, कंपनी खरवार, नंदलाल प्रजापति, अकमानी देवी, दुधनाथ खरवार, राजाराम भारती, भोला यादव मौजूद रहे।
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