{"_id":"5c1bcce4bdec2256c73ec89d","slug":"181545325796-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जश्न-ए-गौशुलवरा के बाद सजी महफिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जश्न-ए-गौशुलवरा के बाद सजी महफिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बभनी। ब्लॉक के बड़होर गांव में बुधवार की रात ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर जश्र-ए- गौशुलवरा का आयोजन किया गया। यहां उलमाओं ने रूहानी तकरीर पेश की। कुरान की तिलावत और उससे होने वाले फायदों को गिनाया। मुसल्लम इमान के साथ समाज में एकता और भाईचारे की भावना जागृत करने का संदेश दिया।
बड़होर गांव में पूर्व ब्लॉक प्रमुख कासिम हुसैन के संयोजकत्व में हुए जलसे में उलेमाओं और शायरों ने नूरानी बयानात और दिलकश रूहानी कलमात से महफिल को सजा दिया। पूरा परिसर नारे तकबीर व नारे रिसालत से बुलंद हो हुआ। गढ़वा से आऐ शायरे इस्लाम तबीब अहमद ने बेहतरीन शेर पेश कर महफिल में जान डाल दी। बागे मदीना के फूल बुलबुले बागे रसूल समन सिंगरौलवी व कुतुबुद्दीन नूरी ने कई नात पेश किया। कव्वाल शब्बीर ताज व शहजाद ताज ने अपने बेहतरीन कलाम से सारी रात महफिल को बांधे रखा।
कव्वालों ने अपने बेहतरीन अंदाज व आवाज से कलाम पेश कर महफिल में मौजूद लोगों को जेब खाली करने पे मजबूर कर दिया। मौजूद मौलाना मुहम्मद इसहाक मिसवाही ख्वाजा शकील साहब भारतगंज, सूफी खलिकुर्ररहमान मौजूद थे। जश्ने गौशुलवरा की सदारत हजरत ख्वाजा दिलबहार हसनी ने किया। इस मौके पर अनवर हुसैन, साबिर हुसैन, युगुल किशोर, जगदीश सिंह, पन्नालाल, अशरफ अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़होर गांव में पूर्व ब्लॉक प्रमुख कासिम हुसैन के संयोजकत्व में हुए जलसे में उलेमाओं और शायरों ने नूरानी बयानात और दिलकश रूहानी कलमात से महफिल को सजा दिया। पूरा परिसर नारे तकबीर व नारे रिसालत से बुलंद हो हुआ। गढ़वा से आऐ शायरे इस्लाम तबीब अहमद ने बेहतरीन शेर पेश कर महफिल में जान डाल दी। बागे मदीना के फूल बुलबुले बागे रसूल समन सिंगरौलवी व कुतुबुद्दीन नूरी ने कई नात पेश किया। कव्वाल शब्बीर ताज व शहजाद ताज ने अपने बेहतरीन कलाम से सारी रात महफिल को बांधे रखा।
विज्ञापन
कव्वालों ने अपने बेहतरीन अंदाज व आवाज से कलाम पेश कर महफिल में मौजूद लोगों को जेब खाली करने पे मजबूर कर दिया। मौजूद मौलाना मुहम्मद इसहाक मिसवाही ख्वाजा शकील साहब भारतगंज, सूफी खलिकुर्ररहमान मौजूद थे। जश्ने गौशुलवरा की सदारत हजरत ख्वाजा दिलबहार हसनी ने किया। इस मौके पर अनवर हुसैन, साबिर हुसैन, युगुल किशोर, जगदीश सिंह, पन्नालाल, अशरफ अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन