{"_id":"5bfed540bdec2241903d8134","slug":"181543427392-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नामित क्रय केंद्रों पर धान बेचने की बाध्यता समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नामित क्रय केंद्रों पर धान बेचने की बाध्यता समाप्त
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। किसानों के लिए खुशखबरी है। अब मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में किसान अपने नजदीकी किसी भी क्रय केंद्र पर धान विक्रय कर सकते है। बुधवार को जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित कर दिया है। पूर्व में किसान नामित केंद्रों पर ही धान बेचने के लिए मजबूर थे।
बतादें कि शासन से जिला प्रशासन को वर्ष 2018-19 में एक लाख 12 हजार 200 मीट्रिक टन धान क्रय करने का लक्ष्य मिला है। समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए धान का 1770 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित है। किसानों को धान विक्रय करने के लिए राबर्ट्र्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक में 55 केंद्र बनाए गए है। इन केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद की जा रही है। सभी केंद्रों पर 28 नवंबर तक करीब नौ सौ एमटी धान की खरीद हुई है। केंद्रों पर धान खरीद धीमी गति से होने पर कुछ दिन पूर्व सौ कुंतल तक धान बेचने वाले किसानों को खतौनी का सत्यापन राजस्व कर्मियों से कराने की शर्त को समाप्त कर दिया गया है। फिर भी जिस औसत से केंद्रों पर धान क्रय होना चाहिए नहीं हो रहा। किसानों बाध्य कर दिया गया है कि वे किन केंद्रों पर धान विक्रय कर सकते हैं। घर से केंद्रों की दूरी अधिक होने के नाते कई किसान सरकारी दर पर धान बेचने में रुचि नहीं ले रहे हैं। हालांकि किसान नामित केंद्रों पर ही धान विक्रय करेंगे की बाध्यता अब समाप्त कर दी गई है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डीएम ने पूर्व में निर्गत आदेश में शिथिल करते हुए तहसील स्तरीय सबद्धीकरण की अनुमति प्रदान कर दी है। जिससे किसान अपने तहसील में स्थित सुविधानुसार किसी भी क्रय केंद्र पर धान बेच सकते है। कहा कि धान विक्रय करने वाले किसानों का ऑनलाइन तत्काल भुगतान कर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
बतादें कि शासन से जिला प्रशासन को वर्ष 2018-19 में एक लाख 12 हजार 200 मीट्रिक टन धान क्रय करने का लक्ष्य मिला है। समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए धान का 1770 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित है। किसानों को धान विक्रय करने के लिए राबर्ट्र्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक में 55 केंद्र बनाए गए है। इन केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद की जा रही है। सभी केंद्रों पर 28 नवंबर तक करीब नौ सौ एमटी धान की खरीद हुई है। केंद्रों पर धान खरीद धीमी गति से होने पर कुछ दिन पूर्व सौ कुंतल तक धान बेचने वाले किसानों को खतौनी का सत्यापन राजस्व कर्मियों से कराने की शर्त को समाप्त कर दिया गया है। फिर भी जिस औसत से केंद्रों पर धान क्रय होना चाहिए नहीं हो रहा। किसानों बाध्य कर दिया गया है कि वे किन केंद्रों पर धान विक्रय कर सकते हैं। घर से केंद्रों की दूरी अधिक होने के नाते कई किसान सरकारी दर पर धान बेचने में रुचि नहीं ले रहे हैं। हालांकि किसान नामित केंद्रों पर ही धान विक्रय करेंगे की बाध्यता अब समाप्त कर दी गई है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डीएम ने पूर्व में निर्गत आदेश में शिथिल करते हुए तहसील स्तरीय सबद्धीकरण की अनुमति प्रदान कर दी है। जिससे किसान अपने तहसील में स्थित सुविधानुसार किसी भी क्रय केंद्र पर धान बेच सकते है। कहा कि धान विक्रय करने वाले किसानों का ऑनलाइन तत्काल भुगतान कर दिया जा रहा है।
विज्ञापन