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बिना किताबों के ही शिक्षा सत्र की हुई शुरूआत
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:12 AM IST
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जिले के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिना पाठ्य पुस्तकों के ही नए शिक्षा सत्र की शुरुआत की गई है। स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चे प्रवेश करें, इसके लिए स्कूल चलो रैली निकाली जा रही है। बच्चों का दाखिला स्कूलों में कराने का आह्वान किया जा रहा है। लेकिन बच्चे पढ़ेंगे क्या इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं है ।
जिले में 1810 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे है। सितंबर 2017 की आकड़ों पर गौर करें तो प्राथमिक विद्यालय में 178567 और जूनियर हाईस्कूल में 67109 बच्चे अध्यनरत है। एक अप्रैल 2018 से नए शिक्षा सत्र की शुरूआत हो गई है। परिषदीय स्कूलों में बच्चें अधिक से अधिक प्रवेश लें, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से शहर से लेकर गांव तक जागरूकता रैली निकाली जा रही है। रैली के माध्यम से अभिभावकों को हरहाल में अपने-अपने बच्चों को नजदीकी स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लेकिन बच्चे किन किताबों से पढ़ेंगे इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं है। परिषदीय विद्यालयों में पढने वाले एक भी बच्चे को नए पाठ्य पुस्तकों को नहीं दिया गया है। ऐसे में पुरानी किताबों का अध्ययन करने के लिए बच्चें मजबूर है।
सर्व शिक्षा अभियान के जिला कोआर्डिनेटर डीपी सिंह ने बताया कि शासन ने पुस्तकों के क्रय करने की अनुमति दे दी है। नियमानुसार किताबों के क्रय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि अविलंब किताबों को खरीद कर बच्चों में वितरित किया जाएगा।
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जिले में 1810 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे है। सितंबर 2017 की आकड़ों पर गौर करें तो प्राथमिक विद्यालय में 178567 और जूनियर हाईस्कूल में 67109 बच्चे अध्यनरत है। एक अप्रैल 2018 से नए शिक्षा सत्र की शुरूआत हो गई है। परिषदीय स्कूलों में बच्चें अधिक से अधिक प्रवेश लें, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से शहर से लेकर गांव तक जागरूकता रैली निकाली जा रही है। रैली के माध्यम से अभिभावकों को हरहाल में अपने-अपने बच्चों को नजदीकी स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लेकिन बच्चे किन किताबों से पढ़ेंगे इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं है। परिषदीय विद्यालयों में पढने वाले एक भी बच्चे को नए पाठ्य पुस्तकों को नहीं दिया गया है। ऐसे में पुरानी किताबों का अध्ययन करने के लिए बच्चें मजबूर है।
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सर्व शिक्षा अभियान के जिला कोआर्डिनेटर डीपी सिंह ने बताया कि शासन ने पुस्तकों के क्रय करने की अनुमति दे दी है। नियमानुसार किताबों के क्रय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि अविलंब किताबों को खरीद कर बच्चों में वितरित किया जाएगा।
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