बीजपुर। दक्षिणांचल के म्योरपुर ब्लाक में लगभग एक लाख की आबादी वाले जरहा न्याय पंचायत राजकीय महाविद्यालय की दरकार है। यहां एक भी राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय महाविद्यालय न होने से छात्र-छात्राओं उच्च शिक्षा के लिए या तो प्राइवेट स्कूल कालेज का सहारा लेते हैं या तो शहर का रुख करते हैं। ऐसे में इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग चुनावी मुद्दा बनाएंगे।कई सरकारें आई और कई चली गई। सांसद और विधायक बने लेकिन जरहा क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज और महाविद्यालय स्थापित कराने का प्रयास नहीं हो सका। नतीजन यहां के बच्चों को कक्षा आठवीं पास करने के बाद 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करना पड़ रहा है। अधिक संख्या में बच्चे अपनी निर्धनता वश कक्षा आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ भी देते हैं। कक्षा 12वीं के बाद अधिकांश छात्र-छात्राएं राजकीय महाविद्यालय न होने से अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ने के लिए बाध्य होते हैं। जरहां क्षेत्र के बीजपुर, सिरसोती, नेमना, रजमिलान, पिंडारी, अनजानी, सिंदूर, धरतीदान आदि गांव के लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र में उच्च शिक्षण संस्थाओं की स्थापना के लिए अभी तक कोई विशेष कार्य नहीं कर सके हैं। लोगों ने इस बार लोकसभा चुनाव में राजकीय इंटर कॉलेज एवं महाविद्यालय की स्थापना को चुनावी मुद्दा बनाने अड़ गए हैं। अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए चिंतित अभिभावकों ने इस बार चुनाव प्रचार करने आने वाले सभी सांसद प्रत्याशियों से क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज व महाविद्यालय एवं अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के स्थापना की मांग करेंगे।