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कर चोरी के खुलासे से शक के दायरे में खड़े हुए ठेकेदार
Updated Sat, 10 Mar 2018 11:32 PM IST
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सोनभद्र (दुद्धी)। कनहर सिंचाई परियोजना में कार्यरत हैदराबाद की एचईएस कंपनी के दफ्तर में एसआईटी (विशेष जांच दल) के छापे के बाद कर चोरी के खुलासे ने ठेकेदारों के साथ ही सिंचाई विभाग के चंद अफसरों को भी शक के दायरे में खड़ा कर दिया है। सिंचाई विभाग में 99 हजार रुपये तक के वर्क आर्डर में जीएसटी चोरी की अदायगी न के बराबर होने की चर्चा होती रही है। परियोजन के डूब क्षेत्र से पूर्व में बोल्डर निकालकर बेचे जाने का मामला भी प्रशासन तक पहुंचा था।
अमवार स्थित कनहर सिंचाई परियोजना की कार्यदायी संस्था हैदराबाद की एचईएस कंपनी के दफ्तर में गुरुवार को विशेष अनुसंधान शाखा मिर्जापुर के ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह की अगुवाई में नौ सदस्यी टीम ने छापेमारी की थी इसमें कर चोरी के कई खुलासे हुए और तथ्य छिपाने के मामले में जुर्माना भी लगा। अब क्षेत्र की जनता ने कर चोरी के मामले में सिंचाई विभाग के कतिपय ठेकेदारों पर भी उंगली उठाना शुरू कर दिया है। चर्चा है कि जिन कार्यों को सिंचाई विभाग ने अपने विभाग के पंजीकृत ठेकेदारों से कराया है, उसमें भी जीएसटी कर चोरी की आशंका है। ठेकेदारों के फर्मों और सिंचाई विभाग के कार्यों के एवज में धन अदायगी की यदि मिलान कराई जाए तो काफी गड़बड़ी खुलकर सामने आ सकती है। एसआईटी ने एचईएल कंपनी की जांच में करीब नौ लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। इससे इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी ठेकेदारों की जांच हो तो बड़ा खुलासा हो सकता है।
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अमवार स्थित कनहर सिंचाई परियोजना की कार्यदायी संस्था हैदराबाद की एचईएस कंपनी के दफ्तर में गुरुवार को विशेष अनुसंधान शाखा मिर्जापुर के ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह की अगुवाई में नौ सदस्यी टीम ने छापेमारी की थी इसमें कर चोरी के कई खुलासे हुए और तथ्य छिपाने के मामले में जुर्माना भी लगा। अब क्षेत्र की जनता ने कर चोरी के मामले में सिंचाई विभाग के कतिपय ठेकेदारों पर भी उंगली उठाना शुरू कर दिया है। चर्चा है कि जिन कार्यों को सिंचाई विभाग ने अपने विभाग के पंजीकृत ठेकेदारों से कराया है, उसमें भी जीएसटी कर चोरी की आशंका है। ठेकेदारों के फर्मों और सिंचाई विभाग के कार्यों के एवज में धन अदायगी की यदि मिलान कराई जाए तो काफी गड़बड़ी खुलकर सामने आ सकती है। एसआईटी ने एचईएल कंपनी की जांच में करीब नौ लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। इससे इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी ठेकेदारों की जांच हो तो बड़ा खुलासा हो सकता है।
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