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कृषि को उद्योग का दर्जा देने तक चलेगा आंदोलन
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:19 PM IST
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सोनभद्र। अपना दल (कृष्णा गुट) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कहा है कि पार्टी किसानों की समस्याओं को लेकर जल्द ही विधानसभा का घेराव करेगी। पार्टी ने आंदोलनात्मक रुख अख्तियार कर लिया है। इसके लिए विधानसभा वार किसान सम्मेलन किए जा रहे हैं। कृषि को उद्योग का दर्जा दिये जाने की मांग पूरी होने तक आंदोलन चलेगा।
पल्लवी बुधवार को राबर्ट्सगंज के सिंचाई डाक बंगला में पत्रकार वार्ता कर रही थीं। कहा कि जो भी पार्टियां सत्ता में आती हैं, वे किसानों को सिर्फ वोट बैंक समझती हैं और उनका वोट लेने के बाद उनसे किये गए वादों को भूल जाती हैं। उन्होंने यूपी सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। कहा, चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों से वादा किया था कि सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा लेकिन सरकार बनने के बाद किसानों की भी कटेगरी बांट दी गई और उसमें कुछ ही लोगों को फसल ऋण माफी का लाभ दिया गया। वह भी तमाम किसानों को नौ, दस रुपये के ऋण माफी के प्रमाण पत्र दिये गए। सवाल किया कि क्या दैवीय आपदा में बड़े किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त नहीं हुईं। नोटबंदी और जीएसटी को केंद्र सरकार की सबसे बड़ी गलती करार देते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर खत्म हुए है और तब से अब तक करीब चार करोड़ नौजवान बेरोजगार हुए हैं। कहा कि किसान सम्मेलन के बाद प्रदेश स्तर पर लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में प्रवक्ता आरबी सिंह पटेल, प्रो. गंगाराम यादव, सीडी सिंह, सूरज सिंह पटेल, संतोष सिंह पटेल, निर्मलला मिश्रा मौजूद रहीं।
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पल्लवी बुधवार को राबर्ट्सगंज के सिंचाई डाक बंगला में पत्रकार वार्ता कर रही थीं। कहा कि जो भी पार्टियां सत्ता में आती हैं, वे किसानों को सिर्फ वोट बैंक समझती हैं और उनका वोट लेने के बाद उनसे किये गए वादों को भूल जाती हैं। उन्होंने यूपी सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। कहा, चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों से वादा किया था कि सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा लेकिन सरकार बनने के बाद किसानों की भी कटेगरी बांट दी गई और उसमें कुछ ही लोगों को फसल ऋण माफी का लाभ दिया गया। वह भी तमाम किसानों को नौ, दस रुपये के ऋण माफी के प्रमाण पत्र दिये गए। सवाल किया कि क्या दैवीय आपदा में बड़े किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त नहीं हुईं। नोटबंदी और जीएसटी को केंद्र सरकार की सबसे बड़ी गलती करार देते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर खत्म हुए है और तब से अब तक करीब चार करोड़ नौजवान बेरोजगार हुए हैं। कहा कि किसान सम्मेलन के बाद प्रदेश स्तर पर लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में प्रवक्ता आरबी सिंह पटेल, प्रो. गंगाराम यादव, सीडी सिंह, सूरज सिंह पटेल, संतोष सिंह पटेल, निर्मलला मिश्रा मौजूद रहीं।
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