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बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन, ठहराव पर दिया जोर
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म्योरपुर। एक्शनएड व यूनिसेफ से संचालित नई पहल शिक्षा परियोजना के तहत बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला में स्कूलों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन कराने और उनके ठहराव पर जोर दिया गया।
मनबसा गांव के पंचायत भवन में हुई कार्यशाला में आउट ऑफ स्कूल बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, उपस्थिति एवं ठहराव विषय पर चर्चा की गई। शिक्षा प्रेरकों, अभिभावकों, समुदाय एवं पंचायत सदस्यों को बच्चों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में विद्यालय भेजने के प्रति जागरूक किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शत-प्रतिशत नामांकन, बच्चों की उपस्थिति, ठहराव, बाल श्रम पर रोक, बाल विवाह पर जागरूकता, मौसमी पलायन करने वाले परिवार व बच्चे, ड्राप आउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। पूरे ब्लॉक में कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे, इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान यह बताया गया कि जब सभी मिलकर उपस्थिति को बढ़ाने का प्रयास करेंगे तभी सारे बच्चों को विद्यालय से जोड़ पाएंगे। सहायक जिला समन्वयक अवनीश सिंह ने कहा कि नई पहल के स्वयंसेवी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। हर एक स्वयं सेवी 20 बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और यह कोशिश रहे कि एक भी बच्चा विद्यालय से बाहर न हो। तब जाकर जिले में जीरो आउट ऑफ स्कूल बच्चे होंगे। इस कार्य को करने के लिए कार्यशैली में आये सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया गया कि वो अपने पास पड़ोस गांव मोहल्ला को देखे और ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नामांकन, उपस्थिति व ठहराव में वृद्धि करें। इस कार्यशाला में नई पहल से सहायक जिला समन्वयक अवनीश सिंह, प्रेरक गुलशन, मोहम्मद खलील, सूरज, अभिषेक, गोलू, एजाज, विनोद, सुरेश, जय सिंह, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।
मनबसा गांव के पंचायत भवन में हुई कार्यशाला में आउट ऑफ स्कूल बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, उपस्थिति एवं ठहराव विषय पर चर्चा की गई। शिक्षा प्रेरकों, अभिभावकों, समुदाय एवं पंचायत सदस्यों को बच्चों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में विद्यालय भेजने के प्रति जागरूक किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शत-प्रतिशत नामांकन, बच्चों की उपस्थिति, ठहराव, बाल श्रम पर रोक, बाल विवाह पर जागरूकता, मौसमी पलायन करने वाले परिवार व बच्चे, ड्राप आउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। पूरे ब्लॉक में कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे, इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
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इस दौरान यह बताया गया कि जब सभी मिलकर उपस्थिति को बढ़ाने का प्रयास करेंगे तभी सारे बच्चों को विद्यालय से जोड़ पाएंगे। सहायक जिला समन्वयक अवनीश सिंह ने कहा कि नई पहल के स्वयंसेवी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। हर एक स्वयं सेवी 20 बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और यह कोशिश रहे कि एक भी बच्चा विद्यालय से बाहर न हो। तब जाकर जिले में जीरो आउट ऑफ स्कूल बच्चे होंगे। इस कार्य को करने के लिए कार्यशैली में आये सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया गया कि वो अपने पास पड़ोस गांव मोहल्ला को देखे और ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नामांकन, उपस्थिति व ठहराव में वृद्धि करें। इस कार्यशाला में नई पहल से सहायक जिला समन्वयक अवनीश सिंह, प्रेरक गुलशन, मोहम्मद खलील, सूरज, अभिषेक, गोलू, एजाज, विनोद, सुरेश, जय सिंह, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।
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