{"_id":"5d091ebd8ebc3e41086d6259","slug":"156087876817-sonbhadra-news176","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी में एक घंटे खाली रहीं डॉक्टरों की कुर्सियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी में एक घंटे खाली रहीं डॉक्टरों की कुर्सियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
घोरावल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल में करीब एक घंटे तक चिकित्सको के मौजूद न होने से मरीज इलाज के लिए हलकान रहे। एक बजे से लेकर पौने दो बजे के बीच में सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की सारी कुर्सियां खाली पड़ी रही।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवेंद्र सुबह 10 बजे तहसील दिवस पर चले गए। करीब एक बजे दोपहर में पीडी के साथ सीएमओ सीएचसी पर आए। उस वक्त ओपीडी डॉ. गुरु प्रसाद मौर्य देख रहे थे। सीएचसी निरीक्षण के बाद सीएमओ अपने साथ डॉक्टर गुरु प्रसाद मौर्या को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परसौना ले गए। जब कि उस समय अस्पताल में मरीजों की तादाद ज्यादा थी। पर्चा बनवाकर मरीज चिकित्सक के इंतजार में बैठ कर पीड़ा से कराहते रहें। पौने दो बजे के करीब तहसील दिवस देख रहे चिकित्सक डॉ. शिवेंद्र अस्पताल पहुंचे। उनके पहुंचते ही मरीजों की भारी भीड़ उपचार के लिए टूटने लगी। क्योंकि समय भी ओपीडी का समाप्त होने वाला था। मंतोरा, भइयालाल, लल्लन विश्वकर्मा आदि मरीजों ने कहा कि आज मुख्य तहसील दिवस है। सरकारी अस्पताल की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। मरीजों की कोई फिक्र नही है। ऐसा लगता है कि चिकित्सकों में उच्चाधिकारियों का कोई डर ही नहीं है। बताते चलें कि यह सरकारी अस्पताल क्षेत्र का एक मानत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां पर पांच चिकित्सकों की तैनाती बताई जाती है। प्रभारी अधीक्षक को लेकर वर्तमान समय में कुल छह चिकित्सको की पोस्टिंग है। घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करीब पांच सौ गांव के मरीजों का सहारा है। जहां पर लगभग 300 मरीज प्रतिदिन आते हैं। मरीजों को हुई समस्या के संबंध में प्रभारी अधीक्षक गुरु प्रसाद मौर्या से पूछे जाने के लिए मोबाइल से संपर्क किया गया। उन्होंन े कहा कि वह एक मीटिंग में व्यस्त है।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवेंद्र सुबह 10 बजे तहसील दिवस पर चले गए। करीब एक बजे दोपहर में पीडी के साथ सीएमओ सीएचसी पर आए। उस वक्त ओपीडी डॉ. गुरु प्रसाद मौर्य देख रहे थे। सीएचसी निरीक्षण के बाद सीएमओ अपने साथ डॉक्टर गुरु प्रसाद मौर्या को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परसौना ले गए। जब कि उस समय अस्पताल में मरीजों की तादाद ज्यादा थी। पर्चा बनवाकर मरीज चिकित्सक के इंतजार में बैठ कर पीड़ा से कराहते रहें। पौने दो बजे के करीब तहसील दिवस देख रहे चिकित्सक डॉ. शिवेंद्र अस्पताल पहुंचे। उनके पहुंचते ही मरीजों की भारी भीड़ उपचार के लिए टूटने लगी। क्योंकि समय भी ओपीडी का समाप्त होने वाला था। मंतोरा, भइयालाल, लल्लन विश्वकर्मा आदि मरीजों ने कहा कि आज मुख्य तहसील दिवस है। सरकारी अस्पताल की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। मरीजों की कोई फिक्र नही है। ऐसा लगता है कि चिकित्सकों में उच्चाधिकारियों का कोई डर ही नहीं है। बताते चलें कि यह सरकारी अस्पताल क्षेत्र का एक मानत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां पर पांच चिकित्सकों की तैनाती बताई जाती है। प्रभारी अधीक्षक को लेकर वर्तमान समय में कुल छह चिकित्सको की पोस्टिंग है। घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करीब पांच सौ गांव के मरीजों का सहारा है। जहां पर लगभग 300 मरीज प्रतिदिन आते हैं। मरीजों को हुई समस्या के संबंध में प्रभारी अधीक्षक गुरु प्रसाद मौर्या से पूछे जाने के लिए मोबाइल से संपर्क किया गया। उन्होंन े कहा कि वह एक मीटिंग में व्यस्त है।
विज्ञापन