घोरावल। ब्लॉक के एक गांव की अनुसूचित जाति की एक महिला ने आवास लिपिक पर दुराचार व बीडीओ पर छेड़छाड़ व दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। इस संबंध में विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) सोनभद्र ने आवास बाबू और बीडीओ को सम्मन जारी कर कोर्ट में तलब किया है। महिला का आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। ग्राम प्रधान व सचिव ने जांच में उसका नाम सही पाए जाने पर उसे आवास सूची में अंकित किया। आवास लिपकि ओमप्रकाश और एक अन्य कर्मचारी ने लिस्ट फाइनल करने के नाम पर उससे पांच हजार रुपए ऐंठ लिया। लेकिन फाइनल लिस्ट में उसका नाम गायब था। महिला ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, महिला आयोग व डीएम को पत्र भेजकर शिकायत की और आईआरजीएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। उसका आरोप है कि जवाब मांगे जाने पर ओमप्रकाश व ब्लॉक के एक कर्मचारी ने गलत आख्या देकर प्रकरण निस्तारित कर दिया। फिर ओमप्रकाश ने उसे गत 15 अक्टूबर 2018 को ब्लॉक मुख्यालय बुलाया। उसके साथ जातिसूचक गाली गलौज करते हुए उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ दुराचार किया। शोर सुनकर बीडीओ निरंकार मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और महिला से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद बीडीओ ने भी जातिसूचक गालियां देते हुए छेड़छाड़ किया और उसे वहां से भगा दिया। थाने में सूचना देने और एसपी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही न होने पर महिला ने न्यायालय के समक्ष परिवाद पत्र दाखिल किया। इस संबंध में विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट, सोनभद्र ने आवास बाबू और बीडीओ को सम्मन जारी कर 26 जून को कोर्ट में तलब किया है। उधर, बीडीओ निरंकार मिश्रा का कहना है कि आवास संबंधित यह शिकायत उनके कार्यकाल का नहीं है। इस मामले की उन्होंने जांच की थी। महिला के पक्ष में जांच आख्या न होने से महिला ने दुराग्रहपूर्ण तरीके से उनके बारे में ऐसी शिकायत की है। महिला ने जो भी आरोप लगाए हैं, वह सरासर झूठा और गलत है।