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बच्चे पिता की इज्जत करें, उनके आदर्शों का करें अनुकरण
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दुद्धी। तहसील सभागार में फादर्स डे के अवसर पर रविवार की शाम साढ़े सात बजे से नगर पंचायत, मिशन क्रिसचन चर्च, ग्राम विकास समिति की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में पिता की इज्जत करने एवं उनके आदर्शों का अनुसरण करने की नसीहत दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि पिता है, तो पुत्र है अर्थात पिता सृष्टि का आधार है। पिता जीवन दायक है, बच्चों के भविष्य का सृजन करता है, बच्चों को संस्कार देने वाला सशक्त माध्यम है। बच्चों में अनुशासन, कर्मठता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों को एहसास कराने का सजग प्रहरी है। पिता अपने आचरण एवं कर्म से बच्चों को सही राह दिखाने वाला है। बच्चे पिता की इज्जत करें उनका बुढ़ापे में समुचित पालन पोषण करें, पिता के आदर्शों पर चले समाज में अपने पिता का नाम रोशन करें। पिता के अच्छे कार्यों का अनुसरण करें, जिससे की उनके अच्छे आदर्शों के अनुकरण से बच्चों के सोच में एक नई प्रेरणा और चेतना का संस्कार अपने में डालें।
कहा कि बच्चे के जन्म से लेकर पालन पोषण करना, उंगली पकड़ कर चलना सीखना जैसे पिता की बड़ी जिम्मदारी होती है। बच्चों को चाहिए कि उनके आदर्शों प्रेरणा लेकर एक नई मुकाम पाकर पिता घर परिवार का नाम रौशन करना चाहिए। नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरि, दिनेश अग्रहरि, रामलोचन तिवारी, पादरी मिथिलेश कुमार, आरपी श्रीवास्तव, अमरनाथ जायसवाल आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजकिशोर सिंह ने किया, संचालन अभय सिंह ने किया। इस मौके पर रामपाल जौहरी, जवाहर लाल अग्रहरि, शिवशंकर, आनंद कुमार, जगदीश्वर प्रसाद, धीरज जायसवाल, कलोल सिंह, सरफराज मसी, डेविड मसी, वरुणोदय जौहरी, अविनाश मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि पिता है, तो पुत्र है अर्थात पिता सृष्टि का आधार है। पिता जीवन दायक है, बच्चों के भविष्य का सृजन करता है, बच्चों को संस्कार देने वाला सशक्त माध्यम है। बच्चों में अनुशासन, कर्मठता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों को एहसास कराने का सजग प्रहरी है। पिता अपने आचरण एवं कर्म से बच्चों को सही राह दिखाने वाला है। बच्चे पिता की इज्जत करें उनका बुढ़ापे में समुचित पालन पोषण करें, पिता के आदर्शों पर चले समाज में अपने पिता का नाम रोशन करें। पिता के अच्छे कार्यों का अनुसरण करें, जिससे की उनके अच्छे आदर्शों के अनुकरण से बच्चों के सोच में एक नई प्रेरणा और चेतना का संस्कार अपने में डालें।
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कहा कि बच्चे के जन्म से लेकर पालन पोषण करना, उंगली पकड़ कर चलना सीखना जैसे पिता की बड़ी जिम्मदारी होती है। बच्चों को चाहिए कि उनके आदर्शों प्रेरणा लेकर एक नई मुकाम पाकर पिता घर परिवार का नाम रौशन करना चाहिए। नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरि, दिनेश अग्रहरि, रामलोचन तिवारी, पादरी मिथिलेश कुमार, आरपी श्रीवास्तव, अमरनाथ जायसवाल आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजकिशोर सिंह ने किया, संचालन अभय सिंह ने किया। इस मौके पर रामपाल जौहरी, जवाहर लाल अग्रहरि, शिवशंकर, आनंद कुमार, जगदीश्वर प्रसाद, धीरज जायसवाल, कलोल सिंह, सरफराज मसी, डेविड मसी, वरुणोदय जौहरी, अविनाश मौजूद रहे।
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