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बलुआ, सैदपुर पुल पर ओवरलोड वाहनों से खतरा
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सोनभद्र। चंदौली जिले के गंगा नदी स्थित बलुआ घाट पुल और गाजीपुर के सैदपुर सेतु से भारी वाहनों के आवागमन पर लगी रोक हटा ली गई है मगर बिहार और सोनभद्र से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों से पुल को अभी भी खतरा है। इन पुलों से ओवरलोड वाहनों को गुजरने से रोकने के लिए चंदौली के जिलाधिकारी ने सोनभद्र, मिर्जापुर और पड़ोसी प्रदेश बिहार के रोहतास और कैमूर के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। संबंधित जिलाधिकारियों से खनन क्षेत्रों से तय मानक के अनुसार ही गिट्टी बालू लोड कराने की सिफारिश की है। वहीं ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश के बाद डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर डीके त्रिपाठी ने ओवरलोड वाहनों के धरपकड़ के लिए तीन जून से 14 जून तक 10 एआरटीओ और 08 पीटीओ की ड्यूटी लगाई है। ये लोग शिफ्ट के हिसाब से तय चेकिंग प्वाइंट पर विशेष अभियान के तहत ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से बालू लदे वाहन सोनभद्र होते हुए मिर्जापुर चंदौली के रास्ते बलुआ घाट क्रास करते हैं। इसी तरह से बिहार से आने वाले वाहन चंदौली से सकलडीहा के रास्ते सैदपुर या बलुआ घाट से गुजरते हैं। दिन में नो इंट्री होने के नाते रात में ही वाहनों का रेला एक साथ निकलता है। बाडी तक बालू ओवरलोड होने के चलते न सिर्फ पुल को खतरा हो गया था बल्कि आम लोगों को घंटों जाम के झाम से जूझना पड़ा था। करीब दो माह पूर्व जिलाधिकारी चंदौली ने पुल से ऐसे वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। अब पुल को बीते 28 मई को आवागमन के लिए पुन: खोल दिया गया। चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल ने 31 मई को सोनभद्र, मिर्जापुर, बिहार के रोहतास और कैमूर के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर लोडिंग प्वाइंटों से निर्धारित मात्रा में ही बालू और गिट्टी लोड कराने की सिफारिश की है। डीएम ने लिखा है कि अगर ओवरलोड वाहनों का संचालन इन मार्र्गों से होते रहा तो पुल के क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। इस वजह से रास्ते को फिर से बंद करना पड़ेगा। ऐसे में आम जनता को असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में एआरटीओ एसपी सिंह ने कहा कि वाहन चालकों को निर्देशित किया गया है कि वे ओवरलोड माल न लादें। अन्यथा की स्थिति में स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर सोनभद्र, आजगढ़, गाजीपुर, देवरिया और गोरखपुर के एआरटीओ, पीटीओ विशेष अभियान के तहत ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करेंगे। तीन से 14 जून तक चलने वाले अभियान की रिपोर्ट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को सौंपी जाएगी।
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डीके त्रिपाठी, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वाराणसी परिक्षेत्र।
बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से बालू लदे वाहन सोनभद्र होते हुए मिर्जापुर चंदौली के रास्ते बलुआ घाट क्रास करते हैं। इसी तरह से बिहार से आने वाले वाहन चंदौली से सकलडीहा के रास्ते सैदपुर या बलुआ घाट से गुजरते हैं। दिन में नो इंट्री होने के नाते रात में ही वाहनों का रेला एक साथ निकलता है। बाडी तक बालू ओवरलोड होने के चलते न सिर्फ पुल को खतरा हो गया था बल्कि आम लोगों को घंटों जाम के झाम से जूझना पड़ा था। करीब दो माह पूर्व जिलाधिकारी चंदौली ने पुल से ऐसे वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। अब पुल को बीते 28 मई को आवागमन के लिए पुन: खोल दिया गया। चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल ने 31 मई को सोनभद्र, मिर्जापुर, बिहार के रोहतास और कैमूर के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर लोडिंग प्वाइंटों से निर्धारित मात्रा में ही बालू और गिट्टी लोड कराने की सिफारिश की है। डीएम ने लिखा है कि अगर ओवरलोड वाहनों का संचालन इन मार्र्गों से होते रहा तो पुल के क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। इस वजह से रास्ते को फिर से बंद करना पड़ेगा। ऐसे में आम जनता को असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में एआरटीओ एसपी सिंह ने कहा कि वाहन चालकों को निर्देशित किया गया है कि वे ओवरलोड माल न लादें। अन्यथा की स्थिति में स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर सोनभद्र, आजगढ़, गाजीपुर, देवरिया और गोरखपुर के एआरटीओ, पीटीओ विशेष अभियान के तहत ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करेंगे। तीन से 14 जून तक चलने वाले अभियान की रिपोर्ट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को सौंपी जाएगी।
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डीके त्रिपाठी, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वाराणसी परिक्षेत्र।