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अब मामलों के निस्तारण में नही कर सकेंगे हिलाहवाली
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सोनभद्र। अब जिला प्रशासन भूमि संबंधित विवादों के निस्तारण को लेकर सतर्क हो गया है। तहसील एवं थानों में प्राप्त भूमि से जुड़े मामलों का निस्तारण करने में हीलाहवाली करने वाले कर्मियों पर गाज गिरेगी। इसके लिए शासन से आदेश जारी किया गया है।
बताते चलें कि राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील एवं समस्त थानों में सर्वाधिक भूमि संबंधित मामले पहुंच रहे हैं। एसडीएम समेत अन्य अधिकारी पीड़ितों के प्रार्थना पत्र पर क्षेत्रीय कानूनगो, लेखपाल और थानाध्यक्षों को मामले का निस्तारण करने के लिए आदेश कर देते हैं लेकिन त्वरित कार्यवाही नहीं हो पाती। वजह राजस्वकर्मी जब थाने पर फोर्स की मांग करने के लिए जाते हैं तो पता चलता है कि अगले दिन आइए क्योंकि सभी व्यस्त है। जब पुलिस को वक्त मिलता है तो राजस्वकर्मी व्यस्त रहते हैं। इस नाते कई दिनों तक पीड़ितों को तहसील और थानों का चक्कर लगाना पड़ता है। लेकिन अब राजस्वकर्मी और संबंधित पुलिसकर्मी मामले का निस्तारण करने में हीलाहवाली नहीं कर सकेंगे। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तहसीलों और थानों पर प्राप्त होने वाले भूमि संबंधित विवादों का निस्तारण अविलंब किया जाएगा। जिन मामलों में काफी संख्या में पुलिस बल की आवश्यकता होगी उन्हें चिह्नित कर समाधान दिवस के दिन निपटाया जाएगा क्योंकि समाधान दिवस में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पुलिस के अधिकारी, कानूनगो, लेखपाल, थाना प्रभारी भी मौजूद रहते हैं। सभी एसडीएम और थाना प्रभारियों को गंभीर मामलों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
बताते चलें कि राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील एवं समस्त थानों में सर्वाधिक भूमि संबंधित मामले पहुंच रहे हैं। एसडीएम समेत अन्य अधिकारी पीड़ितों के प्रार्थना पत्र पर क्षेत्रीय कानूनगो, लेखपाल और थानाध्यक्षों को मामले का निस्तारण करने के लिए आदेश कर देते हैं लेकिन त्वरित कार्यवाही नहीं हो पाती। वजह राजस्वकर्मी जब थाने पर फोर्स की मांग करने के लिए जाते हैं तो पता चलता है कि अगले दिन आइए क्योंकि सभी व्यस्त है। जब पुलिस को वक्त मिलता है तो राजस्वकर्मी व्यस्त रहते हैं। इस नाते कई दिनों तक पीड़ितों को तहसील और थानों का चक्कर लगाना पड़ता है। लेकिन अब राजस्वकर्मी और संबंधित पुलिसकर्मी मामले का निस्तारण करने में हीलाहवाली नहीं कर सकेंगे। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तहसीलों और थानों पर प्राप्त होने वाले भूमि संबंधित विवादों का निस्तारण अविलंब किया जाएगा। जिन मामलों में काफी संख्या में पुलिस बल की आवश्यकता होगी उन्हें चिह्नित कर समाधान दिवस के दिन निपटाया जाएगा क्योंकि समाधान दिवस में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पुलिस के अधिकारी, कानूनगो, लेखपाल, थाना प्रभारी भी मौजूद रहते हैं। सभी एसडीएम और थाना प्रभारियों को गंभीर मामलों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
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