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106 एमटी से ज्यादा कोल उत्पादन करेगी एनसीएल
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शक्तिनगर। भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) चालू वित्तीय साल में 106 मिलियन टन (एमटी) कोयला उत्पादन करेगी। इसके लिए सभी स्तरों पर कार्य किया जा रहा है।
कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) प्रभात कुमार सिन्हा ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि चालू वित्त वर्ष में एनसीएल अपने 106.25 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 106.25 मिलियन टन कोयला प्रेषण (डिस्पैच) के लक्ष्यों को पूरा कर नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। कहा कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 101.50 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 101.60 मिलियन टन कोयला प्रेषण किया। यह लक्ष्य से अधिक के अलावा कंपनी के अब तक के इतिहास में रिकॉर्ड कोयला उत्पादन एवं प्रेषण था। कंपनी ने सालाना कोयला उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले नौ प्रतिशत और प्रेषण में 05 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने बिजली घरों को सर्वाधिक 88.52 मिलियन टन कोयले की सप्लाई की। एनसीएल का कोई भी ऐसा कोयला ग्राहक बिजली घर नहीं रहा जो कभी भी कोयले की कमी से क्रिटिकल या सुपर क्रिटिकल स्थिति में गया हो। कहा कि रेल माध्यम से एनसीएल अब तक का सर्वाधिक प्रेषण किया और रोजाना औसतन 25.50 रेलवे रेक्स कोयला डिस्पैच का रिकॉर्ड बनाया। बताया कि कोयला उत्पादन एवं प्रेषण में काफी बढ़ोतरी के परिपेक्ष्य में कंपनी द्वारा सड़क मार्ग से किए जा रहे कोयला परिवहन में कमी दर्ज की है। कहा कि निगाही में शुरू हुए नए वॉर्फवाल एवं अमलोरी में शुरू होने जा रहे नए वॉर्फवॉल से एनटीपीसी को एमजीआर के जरिये कोयले की सप्लाई बढ़ाने जाने, ब्लॉक बी में नए सीएचपी के रेल से कनेक्ट होने, जयंत में 15 मिलियन टन एवं दुधीचुआ में 10 मिलियन टन की नई सीएचपी के निर्माण सहित रेलवे लाइन के दोहरीकरण एवं बिजलीकरण से आने वाले समय में सड़क मार्ग से कोयला का परिवहन काफी कम हो जाएगा। बताया कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों पर लगभग 74 करोड़ रुपये खर्च किए जो वित्त वर्ष 17-18 में किए गए खर्च से लगभग दकोगुना है। चालू वित्त वर्ष में कंपनी ने बड़े योजनागत कार्यों के लिए 1235 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा है।
कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) प्रभात कुमार सिन्हा ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि चालू वित्त वर्ष में एनसीएल अपने 106.25 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 106.25 मिलियन टन कोयला प्रेषण (डिस्पैच) के लक्ष्यों को पूरा कर नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। कहा कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 101.50 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 101.60 मिलियन टन कोयला प्रेषण किया। यह लक्ष्य से अधिक के अलावा कंपनी के अब तक के इतिहास में रिकॉर्ड कोयला उत्पादन एवं प्रेषण था। कंपनी ने सालाना कोयला उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले नौ प्रतिशत और प्रेषण में 05 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने बिजली घरों को सर्वाधिक 88.52 मिलियन टन कोयले की सप्लाई की। एनसीएल का कोई भी ऐसा कोयला ग्राहक बिजली घर नहीं रहा जो कभी भी कोयले की कमी से क्रिटिकल या सुपर क्रिटिकल स्थिति में गया हो। कहा कि रेल माध्यम से एनसीएल अब तक का सर्वाधिक प्रेषण किया और रोजाना औसतन 25.50 रेलवे रेक्स कोयला डिस्पैच का रिकॉर्ड बनाया। बताया कि कोयला उत्पादन एवं प्रेषण में काफी बढ़ोतरी के परिपेक्ष्य में कंपनी द्वारा सड़क मार्ग से किए जा रहे कोयला परिवहन में कमी दर्ज की है। कहा कि निगाही में शुरू हुए नए वॉर्फवाल एवं अमलोरी में शुरू होने जा रहे नए वॉर्फवॉल से एनटीपीसी को एमजीआर के जरिये कोयले की सप्लाई बढ़ाने जाने, ब्लॉक बी में नए सीएचपी के रेल से कनेक्ट होने, जयंत में 15 मिलियन टन एवं दुधीचुआ में 10 मिलियन टन की नई सीएचपी के निर्माण सहित रेलवे लाइन के दोहरीकरण एवं बिजलीकरण से आने वाले समय में सड़क मार्ग से कोयला का परिवहन काफी कम हो जाएगा। बताया कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों पर लगभग 74 करोड़ रुपये खर्च किए जो वित्त वर्ष 17-18 में किए गए खर्च से लगभग दकोगुना है। चालू वित्त वर्ष में कंपनी ने बड़े योजनागत कार्यों के लिए 1235 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा है।
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