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मशीनों के रख-रखाव में मील का पत्थर साबित होगा स्पेक्ट्रोमीटर

Sat, 01 Jun 2019 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 12:23 AM IST
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मशीनों के रख-रखाव में मील का पत्थर साबित होगा स्पेक्ट्रोमीटर

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सिंगरौली। आधुनिक तकनीकों के प्रयोग में एनसीएल ने एक और नई पहल करते हुए अपनी केन्द्रीय कमशाला में स्पेक्ट्रोमीटर लगाया है। जो केवल 15 मिनट में कोयला खनन कार्यों में लगीं हुईं भारी मशीनों के स्वास्थ्य के बारे में बताता है।

यह उपकरण कंपनी की खदानों में चल रही भरी माशीनों में प्रयुक्त होने वाले लुब्रिकेंट्स के सेंपल की जांच कर विश्लेषण कर लुब्रिकेंट्स में मौजूद विभिन्न मेटल्स का पता लगाता है, जिससे यह पता चलता है कि मशीन के किस कल-पूर्जे में क्षरण हो रहा है और रिपेयर या मेनटेनेंस की जरूरत है। साथ ही, यह लुब्रिकेंट्स के मूल गुणों में बदलाव को भी बताता है जिससे इन मशीनों के निवारक रख रखाव में महत्वपूर्ण सहयोग मिलता है। एनसीएल के सीएमडी पी के सिन्हा व निदेशक मंडल ने सीडब्ल्यूएस टीम को इस पहल के लिए बधाई दी है और उम्मीद जताई कि यह नया उपकरण आगामी समय में कंपनी की भारी मशीनों के रख-रखाव में मील का पत्थर साबित होगा। एनसीएल की खदानों में लगभग 1200 भारी मशीनें चौबीसों घंटे काम करती हैं और देश के लगभग 15 प्रतिशत कोयले के उत्पादन में सहायक हैं। इतनी बड़ी संख्या में भारी मशीनों के संचालन को संभालना एक कठिन काम है, खासकर जब इन मशीनों के रख-रखाव की बाथत आती है। यदि कार्य के दौरान कोई मशीन खराब हो जाती है, तो उसका सीधा प्रभाव कोयला उत्पादन पर होता है। अनवरत रूप से कोयला प्रेषण भी प्रभावित होता है। स्पेक्ट्रोमीटर विशेष रूप से कलर कोडेड, विश्लेषणात्मक व पूर्ण निदान के साथ रिपोर्ट देता है जिससे तकनीशियनों को मशीनों के रखरखाव की दिशा मिलती है ।
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