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भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोग
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ओबरा। लगातर बढ़ रही गर्मी से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन पीने के पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। वहीं नगर व गांवों के करीब 50 फीसदी हैंडपंप भी जवाब दे चुके हैं। ऐसे में गर्मी से परेशान लोग पानी के लिए भी किल्लत घ्ेल रहे हैं। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी होने के बाद भी जिला प्रशासन पेयजल व्यवस्था कराने को लेकर गंभीर नहीं है। ओबरा क्षेत्र के चोपन रोड, सुमन नगर, चूड़ी गली, सिनेमा रोड, मिल्लत नगर, गैस गोदाम रोड आदि दर्जनों स्थानों के अंदरूनी भागों में नगर पंचायत का टैंकर पहुंचते ही लोग घर पानी भरने को दौड़ पड़ती हैं। जबकि इन क्षेत्रों में जल शोधन संयंत्र से पानी सप्लाई के लिए कनेक्शन भी दिए गए है हैं। यही आलम ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी का है। इसके तहत आने वाले क्षेत्र कर्बला, भलुआ टोला, बिल्ली गांव, खैरटिया गांव सहित पूरे ग्राम पंचायत क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ गई है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में टैंकरों का अभाव होने से लोग पीने के पानी की भयंकर किल्लत से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर रेणुका पार के दर्जनों गांव चकाड़ी, गुरूड़, निंगा, बगबइसा, अरंगी, कड़ीया, कासपानी, मैराडाड़, पनारी, लोहियाकुंड, फफराकुंड, चैना टोला आदि गांवों में गर्मी के चलते पानी का जलस्तर नीचे चले जाने से लोग रेणु नदी का राख मिश्रित गंदा पानी पीने को विवष हो चुके हैं। क्षेत्र के विश्वनाथ पांडेय, मंगल, कन्हैया, रामपति, पतिराज, विनोद, हरि आदि ने बताया कि इन क्षेत्रों में टैंकर से पानी आपूर्ति नहीं की गई तो ग्रामीणों को गंभीर परिणाम भुगतना होगा। आज भी ग्रामीण चुआड़ का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
खदानों में अंधाधुंध खुदाई से जल स्रोत नीचे खिसका
ओबरा। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र की खदानों में अंधाधुंध खनन से खदाने इतनी गहरी हो चुकी हैं कि जल स्रोत से नीचे का पानी आना शुरू हो गया है। खदानों में पानी भर जाने के कारण कार्य प्रभावित होता है, जिससे खननकर्ता मोटी कमाई के लिए बड़ी बड़ीमशीनें लगाकर लाखों लीटर पानी प्रतिदिन बहा देते हैं। जलस्तर नीचे जाने का यह एक सबसे बड़ा प्रमुख कारण है। अधिकारी इस ओर अपनी आंखें बंद किए हुए हैं। इससे लोगों में असंतोष है।
खदानों में अंधाधुंध खुदाई से जल स्रोत नीचे खिसका
ओबरा। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र की खदानों में अंधाधुंध खनन से खदाने इतनी गहरी हो चुकी हैं कि जल स्रोत से नीचे का पानी आना शुरू हो गया है। खदानों में पानी भर जाने के कारण कार्य प्रभावित होता है, जिससे खननकर्ता मोटी कमाई के लिए बड़ी बड़ीमशीनें लगाकर लाखों लीटर पानी प्रतिदिन बहा देते हैं। जलस्तर नीचे जाने का यह एक सबसे बड़ा प्रमुख कारण है। अधिकारी इस ओर अपनी आंखें बंद किए हुए हैं। इससे लोगों में असंतोष है।
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