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जिले में नहीं परवान चढ़ा तंबाकू विरोधी अभियान
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सोनभद्र। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई को है। तमाम जागरूकता अभियान के बाद भी नशे के आदि लोग तंबाकू छोड़ नहीं पा रहे हैं। इसके चलते कैंसर और अन्य जानलेवा बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। अभी तक करीब 22 लोग माउथ कैंसर से पीड़ित चिन्हित किए गए है। अभी तक तंबाकू विरोधी अभियान से एक एनजीओ जुड़ी हैं।
जिले में अधिकांश अशिक्षित निवास करते हैं। इस नाते तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। तंबाकू का सेवन करने से हो रही बीमारियों से अनजान गरीब तबके लोग नियमित सेवन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक एनजीओ तंबाकू विरोधी अभियान से जुड़ी है। एनजीओ द्वारा अक्सर स्कूलों में तंबाकू विषयों पर वाद-प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को तंबाकू का सेवन न करने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही बच्चों को अपने घर के सदस्यों के अलावा आसपास के लोगों को भी तंबाकू का सेवन करने से होने वाली खांसी, अस्थमा, कैंसर, हार्टअटैक समेत अन्य बीमारियों के प्रति सचेत करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। बावजूद नक्सल-दुरूह क्षेत्रों में सर्वाधिक लोग तंबाकू का सेवन कर बीमार को दावत दे रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि एनजीओ के माध्यम से लोगों को तंबाकू के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभी तक जिले में नियमित तंबाकू का सेवन करने से 22 लोग माउथ कैंसर से पीड़ित चिन्हित किए जा चुके हैं। कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शुक्रवार को रेणुकूट में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
जिले में अधिकांश अशिक्षित निवास करते हैं। इस नाते तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। तंबाकू का सेवन करने से हो रही बीमारियों से अनजान गरीब तबके लोग नियमित सेवन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक एनजीओ तंबाकू विरोधी अभियान से जुड़ी है। एनजीओ द्वारा अक्सर स्कूलों में तंबाकू विषयों पर वाद-प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को तंबाकू का सेवन न करने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही बच्चों को अपने घर के सदस्यों के अलावा आसपास के लोगों को भी तंबाकू का सेवन करने से होने वाली खांसी, अस्थमा, कैंसर, हार्टअटैक समेत अन्य बीमारियों के प्रति सचेत करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। बावजूद नक्सल-दुरूह क्षेत्रों में सर्वाधिक लोग तंबाकू का सेवन कर बीमार को दावत दे रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि एनजीओ के माध्यम से लोगों को तंबाकू के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभी तक जिले में नियमित तंबाकू का सेवन करने से 22 लोग माउथ कैंसर से पीड़ित चिन्हित किए जा चुके हैं। कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शुक्रवार को रेणुकूट में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
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