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धारा 20 को लेकर न्यायालय ने चार हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
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ओबरा। स्थानीय बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में धारा 20 के तहत अधिसूचना जारी न होने की दशा में क्षेत्र के अनिल सिंह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले में न्यायालय से 15 मार्च को जारी किए गए आदेश के बावजूद अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई। मामले में पुन: न्यायालय ने बीते तीन मई को आदेश जारी करते हुए राजकीय अधिवक्ता को निर्देशित किया है कि मामले में संबंधित विभाग चार हफ्ते के अंदर न्यायालय के समक्ष साक्ष्यों को प्रस्तुत करे। अन्यथा आगामी 12 जुलाई को डीएम व खनन अधिकारी संबंधित साक्ष्यों व अभिलेखों के साथ न्यायालय में उपस्थित होंगे।
बता दें कि पूर्व में खनन क्षेत्र में धारा 20 के तहत बंद की गई खदानों को लेकर अनिल सिंह ने जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा शासकीय अधिवक्ता को पूर्व में निर्देशित किया गया था की धारा 20 की अधिसूचना से संबंधित की गई सभी कार्रवाई अधिकारियों से आख्या मांग कर तीन मई को न्यायालय के समक्ष रखा जाए। ताकि उसी दिन समुचित आदेश पारित किया जा सके। बावजूद इसके वन विभाग तथा खनन विभाग की उदासीनता के चलते अभी तक कोई कार्रवाई न किए जाने से दिन-प्रतिदिन जिले के आदिवासी वनवासी मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंचते जा रहे हैं।
बता दें कि पूर्व में खनन क्षेत्र में धारा 20 के तहत बंद की गई खदानों को लेकर अनिल सिंह ने जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा शासकीय अधिवक्ता को पूर्व में निर्देशित किया गया था की धारा 20 की अधिसूचना से संबंधित की गई सभी कार्रवाई अधिकारियों से आख्या मांग कर तीन मई को न्यायालय के समक्ष रखा जाए। ताकि उसी दिन समुचित आदेश पारित किया जा सके। बावजूद इसके वन विभाग तथा खनन विभाग की उदासीनता के चलते अभी तक कोई कार्रवाई न किए जाने से दिन-प्रतिदिन जिले के आदिवासी वनवासी मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंचते जा रहे हैं।
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