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शहीदी दिवस पर याद किये गए गुरू अर्जुन देव
Updated Mon, 18 Jun 2018 12:24 AM IST
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सोनभद्र। सिक्खों के पांचवें गुरू श्री अर्जुन देव का शहादत दिवस रविवार को जिले भर में मनाया गया। राबर्ट्सगंज और चोपन के गुरूद्वारा में अखंड पाठ की समाप्ति के बाद कीर्तन और लंगर हुआ। राहगीरों को मीठा सर्बत पिलाया। गया। राबर्ट्सगंज गुरूद्वारा श्री गुरू सिंह सभा में कीर्तन का हुआ। यहां वक्ताओं ने कहा कि गुरू जी द्वारा गुरू ग्रंथ का संपादन करते समय तत्कालीन शासक जहांगीर द्वारा गुरू ग्रंथ साहब में उसके द्वारा बताई गई बातों को दर्ज करने का आदेश किया गया, जिससे गुरू जी ने साफ इनकार करते हुए कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष को खुश करने के लिए उसकी बात नहीं अंकित करेंगे। इतना सुनते ही जहांगीर ने गुरू जी पर अत्याचार करते हुए उबलते हुए पानी की देग (कड़ाहा) में बैठा दिया था, फिर भी गुरू जी अडिग रहे, तब उन्हें गर्म तवे पर बैठाकर उपर से गर्म रेत डाली गई। गुरूजी ने परमात्मा पर अडिग विश्वास रखते हुए जहांगीर के अत्याचारों को सहते हुए धर्म के लिए अपना देह त्याग दिया। कीर्तन और लंगर में सरदार निरंजन सिंह, पृथ्वीपाल सिंह, बलविंदर सिंह, जसकीरत सिंह, प्रभजोत सिंह, गुरप्रीत सिंह, त्रिलोक सिंह, संतोष सिंह, रवि मेहता, अर्जुन सिंह, दिलकरन सिंह, गुरजीत सिंह, तरन सिंह मौजूद रहे। चोपन प्रतिनिधि के अनुसार नगर स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा परिसर में गुरु अर्जुन देव का शहीदी गुरु पर्व श्रद्धा भाव से मनाया गया। रविवार को कीर्तन भजन हुआ। अरदास भी किया गया। अंत में गुरुद्वारे में लंगर का आयोजन हुआ। राहगिरों को शर्बत पिलाई गई। यहां सरदार पतविंदर सिंह, अजित सिंह, गुरुदीप सिंह, महताब सिंह मौजूद रहे।
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