{"_id":"5ab290fe4f1c1b094a8b67a6","slug":"151521651966-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग की चपेट में आने से दो झोपड़ियां जलीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग की चपेट में आने से दो झोपड़ियां जलीं
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार को ओबरा डैम रेलवे स्टेशन के सामने स्थित बस्ती में आग लगने से दो झोपड़ियां जल गईं। यह संयोग ही था कि रात में हुई घटना में कोई आग की चपेट में नहीं आया। बस्ती में जंगाली की झोपड़ी में देर रात किन्ही वजहों से आग लग गयी। उस समय झोपड़ी में कोई नहीं था। उधर ओबरा वन प्रभाग के जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। गुरूड के पास कोदैला पहाड़ी श्रृंखला, कड़िया के जंगलों में सोमवार से लगी आग अब तक नहीं बुझ सकी है। आग का दायरा लगातार बढ़ रहा है। कई हेक्टेयर में आग फैल चुकी है। आग में सखुआ, तेंदू, सलई, सिद्धा, खिरना, पियार एवं महुआ के पेड़ जल गए हैं। आग के लगातार फैलने से लोगों में दहशत है। आसपास के लोगों के अनुसार महुआ के पेड़ के नीचे खर पतवार जलाने के लिए लगाई गई आग से यह स्थिति पैैदा हुई है। उधर ओबरा डैम के पास कड़िया के पहाड़ी श्रृंखला में भी बुधवार को आग लगी। मार्च के महीने में ही आग लगने का सिलसिला जारी है। अभी तक रिहायशी एवं जंगलों में आग लगने के छह से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
इनसेट-
आग लगने वाले संवेदनशील क्षेत्र
ओबरा। यदि पिछले कुछ वर्षों के आकड़ों पर ध्यान दें तो करीब दर्जन भर पहाड़ियों में प्रत्येक वर्ष आग लगती है। इसमें ओबरा परियोजना का ऐश डैम, लोहिया कुंड, कोदैला, कड़िया, पर्वत बाबा, बहेराडांड, जिरही पर्वत, हरसा, भीतरी, मेरादांड, खेवंधा, काश्पानी, पल्सो, धनबह्वा सहित ओबरा और जुगैल रेंज की कई पहाड़ियां शामिल हैं।
विज्ञापन
इनसेट-
आग लगने वाले संवेदनशील क्षेत्र
ओबरा। यदि पिछले कुछ वर्षों के आकड़ों पर ध्यान दें तो करीब दर्जन भर पहाड़ियों में प्रत्येक वर्ष आग लगती है। इसमें ओबरा परियोजना का ऐश डैम, लोहिया कुंड, कोदैला, कड़िया, पर्वत बाबा, बहेराडांड, जिरही पर्वत, हरसा, भीतरी, मेरादांड, खेवंधा, काश्पानी, पल्सो, धनबह्वा सहित ओबरा और जुगैल रेंज की कई पहाड़ियां शामिल हैं।
विज्ञापन